Wednesday , 27 October 2021
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दिल्ली। मुंबई बम धमाकों के आरोपी याक़ूब मेमन की दया याचिका राष्ट्रपति ने ख़ारिज की ,सूत्र। फांसी तय

दिल्ली। मुंबई बम धमाकों के आरोपी याक़ूब मेमन की दया याचिका राष्ट्रपति ने ख़ारिज की ,सूत्र। फांसी तय

download (2)snn .१९९३ में हुए मुंबई बम धमाकों में कई आरोपियों में एक याक़ूब मेमन को कल सुबह नागपुर जेल में फांसी देने के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। आज शाम सुप्रीम कोर्ट से दया की अपील के  ख़ारिज करने के साथ ही महाराष्ट्र के राज्य पाल ने भी याक़ूब द्वारा दी गयी दया याचिका को खारिज कर दिया। एक मात्र उम्मीद भारत के राष्ट्रपति को दी गयी दया याचिका ही  बची थी जिस पर राष्ट्रपति ने भारत सरकार से सलाह मांगी थी ,सूत्रों के अनुसार ग्रह मंत्रालय की सलाह के बाद राष्ट्रपति ने भी याक़ूब मेमन की याचिका को रद करते हुए उसकी फांसी की सज़ा को बरक़रार रखा जिस से साफ़ हो गया  की मुंबई बम धमाकों के आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट याक़ूब मेमन  को कल सुबह सात बजे महाराष्ट्र के नागपुर जेल में फांसी के फंदे पर लटका कर सुप्रीम कोर्ट से तय की गयी सज़ा ऐ मौत पर अमल किया जाये गा। इस फांसी के लिए कोई प्रोफेशनल जल्लाद न होने के कारण जेल के तीन कर्मचारियों को फंदा  बनाने और उसे सही तरीके से फांसी देने की ट्रेनिंग दी जा रही है। बता दें की याक़ूब की फांसी में अब सिर्फ दस   घंटे का समय बचा है और नियमों के अनुसार मुजरिम को उसकी फैमली से अंतिम बार मिलाया जा रहा है। नागपुर  में याक़ूब के सभी नज़दीकी रिश्तेदार कल से ही एक होटल में ठहरे हैं जिन्हे आज याक़ूब से मिलवाया जा रहा है। याक़ूब से बात करने की कोई समय सीमा  तय नही है जो जितनी देर चाहे मिल सकता है।

इस से पहले आज दोपहर मुंबई पुलिस कमिश्नर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर मुंबई में क़ानून व्यवस्था पर  चर्चा की। पूरी मुंबई में २५ हज़ार पुलिस कर्मियों की अलग अलग जगहों पर तैनाती की गयी है। माना जा रहा है याक़ूब की फांसी  के बाद मुंबई में तद्फीन हो सकती है जिस में लोगों का आक्रोश सामने आसकता है। हालांकि जेल सूत्रों से पता चला है की याक़ूब के पोस्टमॉर्टेम के बाद उसका शव परिवार को जनाज़ा न निकलने की शर्त पर सौंपा  जा सकता है ये भी मुमकिन है की याक़ूब की लाश  को सुरक्षा की दृष्टि से जेल परिसर में ही दफना दिया जाए। खबर लिखे जाने तक राष्ट्रपति भवन से नागपुर जेल तक दया याचिका का आधिकारिक पत्र नहीं पहुंचा था मगर विश्वस्त सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति ने आतंकी याक़ूब की दया याचिका को ख़ारिज कर दिया जिस के बाद फांसी की सज़ा तय है।पिछले दो हफ़्तों से लगातार याकूब की फांसी को लेकर देश में चल रहा वाक्य युद्ध अब थमता नज़र आ रहा है .याकूब की फांसी को ग़लत ठहराने वाले अल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सुप्रीमो संसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी बात पर कायेम रहते हुए कहा है की वो इस फैसले से खुश नहीं हैं आप को बता दें की ओवैसी ने अपने ब्यान में कहा था की याकूब को फांसी मुसलमान होने की वजह से दी  जा रही है .वहीँ इस फैसले का भाजपा ,शिव सेना सहित कई दलों ने स्वागत किया है .
एक नज़र फांसी का  शेड्यूल

क्या होगा 30 जुलाई की सुबह:

सुबह 3.45 बजे: याकूब को जगाया जाएगा

याकूब को जेल में नहलाया जाएगा

पहनने के लिए नए कपड़े दिए जाएंगे

धर्म के मुताबिक प्रार्थना करने के लिए कहा जाएगा

सुबह 4.45 बजे: डॉक्टर की टीम याकूब की जांच करेगी

सुबह 5 बजे: याकूब की पसंद का नाश्ता दिया जाएगा

सुबह 6 बजे: याकूब की पसंद से धार्मिक पुस्तक पढ़ने के लिए दी जाएगी

सुबह 6.30 बजे: याकूब को आराम करने के लिए कहा जाएगा

सुबह 7 बजे: फांसी के फंदे के पास ले जाया जाएगा और याकूब को उसका गुनाह बताया जाएगा

सुबह 7.30 बजे: याकूब के चेहरे को काले कपड़े से ढक दिया जाएगा, हाथ पीछे बांध दिए जाएंगे

सुबह 7.40 बजे: मजिस्ट्रेट जल्लाद को फांसी देने का इशारा करेंगे और जल्लाद रस्सी खींच देगा

सुबह 8.15 बजे: याकूब के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरु होगी

नागपुर सेंट्रल जेल में याकूब की फांसी देने की तैयारियां पूरी हो चुकी है। इस जेल में करीब 30 साल बाद किसी कैदी को फांसी दी जाने वाली है। याकूब की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि फांसी देने से पहले जेल में कहीं कोई अनहोनी न होने पाए।

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