Monday , 26 September 2022
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कानपुर .सम्पादक जी अम्बुज शुक्ला बोल रहा हूँ …तुम्हारा आफिस तहस नहस कर दिया जाये गा .

कानपुर .सम्पादक जी अम्बुज शुक्ला बोल रहा हूँ …तुम्हारा आफिस तहस नहस कर दिया जाये गा .

abu obaida chief editor snn 98380 33331 इतने जूते मारूं गा की खबर लिखना भूल जाओ गे

अरे नहीं भाई ये फिल्म का डायलाग नहीं ‘’’’’एक कांग्रेसी छुटभैये नेता की धमकी का अंश है जो उसने कानपुर से निकलने वाले साप्ताहिक अखबार जन सामना के संपादक श्याम सिंह पंवार को फ़ोन के ज़रिये दी.फ़ोन करने वाले ने अपना नाम अम्बुज शुक्ला बताया और कहा की जो मै कहने जा रहा हूँ ध्यान से सुनो ,कहीं लिख लो चाहे रिकार्ड कर लो.संपादक ने बड़ी शालीनता से कहा की आप अपनी शिकायत बताएं.इस पर फ़ोन करने वाले अम्बुज शुक्ला नाम के व्यक्ति ने कहा ;;;अपने पत्रकार को समझाओ ऐसी ख़बरें न लिखे .सम्पादक द्वारा पुछा गया कैसी ख़बरें न लिखें तो फ़ोन से कहा गया की अरे यार हम ने होर्डिंग लगाईं थी जिस में मिसप्रिंट हो गया था तुम ने वही ग़लती वाली होर्डिंग की तस्वीर छाप दी जब की मै ने वो होर्डिंग हटवा लीं थीं और बाद में ठीक कर के दोबारा लगाईं थीं.अब सम्पादक श्याम सिंह पंवार ने जवाब दिया की आप की होर्डिंग में ग़लतियाँ थीं शहीदों को समर्पित होर्डिंग थी जिस में शहीदों की फोटो के नीचे नाम ग़लत लिखे थे और तो और जो स्वाधीनता आन्दोलन में शहीद नहीं हुए उन्हें भी शहीद लिख दिया.ये दिखाना और बताना तो हमारा काम है और हमारे संवाददाता ने वही किया .इस पर अम्बुज शुक्ला ने पहले तो अपनी (डिग्री) शैक्षणिक योग्यता बताई और आयु भी फिर कहा की अपने रिपोर्टर को मेरे पास भेज दो मै उसे ज्ञान दे दूं गा.

ये उस आडियो टेप से सुन कर बात चीत के अंश आप तक पहुचाये गए हैं पूरी वार्तालाप जिस में हेल्लो से लेकर जूते मारने और कार्यालय तहस नहस करने की धमकी है वो आप यहाँ लिंक ओपन कर के सुब सकते हैं.

अब हम आप को वो होर्डिंग दिखाते हैं जिस में कथित कांग्रेसी नेता को अपनी ग़लती पर शर्मिन्दा होने की ज़रुरत थी मगर उसने ऐसा करने के बजाये एक पत्रकार को धमकी दे डाली ,होर्डिंग में शहीदों की तस्वीरों के साथ निवेदकों ने अपनी तस्वीर के नीचे अपना नाम तो लिखा मगर निवेदक नहीं लिखा ;;;और स्लोगन लिख दिया ‘’क्रप्या शहादतों  को याद कर राष्ट्रहित में काम करें ‘’’

अब आप खुद ही देखिये क्या इस होर्डिंग में सब के सब शहीद नहीं दिख रहे ?IMG-20150816-WA0047

यानी अपने आप को एमएससी पास कहने वाले को इतना भी ज्ञान नहीं की महात्मा गाँधी ,पंडित जवाहर लाल नेहरु ,सरदार वल्लभ भाई पटेल व अन्य महापुरुष अंग्रेजों से लड़ते हुए शहीद नहीं हुए साथ ही खुद के नीचे सिर्फ अपना नाम लिखा और कुछ नहीं जिस से भ्रम होता है की ये भी शहीद हैं.जब होर्डिंग बनाने वाला खुद अपने को शहीद की श्रेणी में रख रहा है तो रिपोर्टर द्वारा उन्हें शहीद लिखने पर जुबां पर अंगारे क्यूँ ?

पत्रकार ने इसी ग़लती की ओर खबर में इंगित करते हुए लिखा था की विधायक अजय कपूर और अम्बुज शुक्ला भी शहीदों की श्रेणी में शामिल ‘’’’’

अब खरी बात ;;;;;

जहाँ तक मेरा तजुर्बा कहता है की सम्पादक पर आग उगलना दरअसल कांग्रेस  विधायक अजय कपूर व वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की डांट की बौखलाहट है क्यूँ की पावरफुल विधायक और सीनियर लीडर्स को जवाब देते  नहीं बना तो बेचारे निरीह पत्रकार (समझने की भूल )को धमकी दे बैठे.ये धमकी भरा आडियो टेप पूरी मीडिया के पास वाइरल हो चुका है और इसी को  आधार बना कर सम्पादक श्याम सिंह पंवार पुलिस में शिकायत करने जा रहे हैं .हो सकता है जब तक खबर आप तक पहुचे तब तक गुंडों की भाषा बोल रहे नेता जी के खिलाफ मुक़दमा लिखा जा चुका हो .

सोशल मीडिया पर इस धमकी भरे फोन के वाइरल होने के बाद कानपुर  से लेकर देश भर के पत्रकारों में आक्रोश है.सभी पत्रकारों ने अपने सन्देश में कहा है की वे इस गीदड़ भबकी से डरने वाले नहीं ऐसी ग़लती सौ बार हो गी तो सौ बार लिखा और दिखाया जाये गा .इस पोस्ट में दिए गए लिंक को ओपन कर  के आप धमकी भरा टेप सुन सकते हैं .

 

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