Friday , 24 September 2021
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22 को नवमी हवन और रावण का बध

22 को नवमी हवन और रावण का बध

वाराणासी। snn शारदीय नवरात्र में शाक्ति की अधिष्ठात्री देवी भगवती की विदाई के निमित नवमी का हवन और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व विजय दशमी एक ही दिन 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वास्तव में आश्विन शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा तिथि की वृद्वि और दशमी तिथि के क्षय से यह योग बन रहा है। इस कारण 22 अक्टूबर को प्रातः 7ः12 बजे तक नवमी और 7ः12 बजे दशमी तिथि लग रही है जो कि 23 की सुबह 5ः20 बजे तक रहेगी। ज्योतिर्विदों के अनुसार 22 को ही 7ः11 बजे तक नवमी तिथि में नवरात्र का होम आदि अनुष्ठान होगे और महाअष्टमी व्रत का पारन भी कर लिया जाएगा। दर्गा नवमी व्रत का पारन दशमी तिथि यानि 7ः12 से शुरू होगा और इसी दिन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाएगा। विजय दशमी पर शमी पूजन का भी विषेश महात्व शास्त्रों में भी वणित है शमी का महात्त राम के समय त्रेता युग तो था ही कृष्ण के समय महाभारत काल में भी था। इस दिन सर्व विजय और चारों पुरूषार्थो की कामना से अपराजिता पूजन व नीलकंठ दर्शन का भी विशेष महात्व है।

 

 

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