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मतदाताओं को बांटने के लिए बनी दो लोडर शराब बरामद, महिला समेत तीन गिरफ्तार

मतदाताओं को बांटने के लिए बनी दो लोडर शराब बरामद, महिला समेत तीन गिरफ्तार

कानपुर, 08 नवम्बर । निकाय चुनाव में मतदाताओं की खरीद-फरोख्त के लिए बनाई जा रही बड़े पैमाने पर शराब का भंडाफोड़ करने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सचेंडी पुलिस ने महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए अवैध शराब फैक्ट्री में बनाई गई दो लोडर अंग्रेजी व देशी शराब पकड़ी है। पुलिस ने शराब बनाने में प्रयुक्त उपकरणों व केमिकलों के ड्रमों को भी बरामद किया है।चुनाव आते ही उम्मीदवार व पार्टियां मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए कई प्रकार के हत्थकंडे अपनाते हैं। इनमें सबसे कारगर समझा जाने वाला उपाय शराब व पैसे हैं। शराब बांटकर मतदाताओं का मत हासिल करने की बड़ी साजिश का सचेंडी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसओ जय प्रकाश शर्मा को भौंती स्थित नई बस्ती में एक मकान में अवैध रूप से शराब बनाये जाने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर एसओ ने एसपी ग्रामीण जेपी सिंह व सीओ सदर को जानकारी देते हुए पुलिस टीम के साथ छापेमारी की कार्यवाही की। कार्यवाही के दौरान पुलिस ने दो लोडर में बनाई गई अंग्रेजी व देशी शराब की सैकड़ों पेटियां बरामद करते हुए मौके से शराब बनाने के उपकरणों को बरामद कर लिया। यहां पर कई ड्रमों में केमिकल बरामद हुआ। जिनसे नकली शराब बनाकर निकाय चुनाव में मतदाताओं के लिए तैयार कराई जा रही थी।एसओ ने बताया कि इस गोरखधंधे में कानपुर देहात के शिवली क्षेत्र में रहने वाली महिला दीपिका शुक्ला, घाटमपुर निवासी कल्लू व जीवन को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछतांछ में बरामद शराब को निकाय चुनाव मैदान में उतरे कई निर्दलीय व पार्टियों के प्रत्याशियों को सप्लाई करने की बात सामने आई है। जांच की जा रही है। फिलहाल बरामद शराब को नष्ट करते हुए गिरफ्तार महिला समेत तीन अभियुक्तों पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।

केमिकल व मानक के विपरीत तैयार की जा रही है अवैध शराब का इस्तेमाल धड़ल्ले से चुनाव के समय होता है। ऐसे में जीत की खातिर प्रत्याशी हर कीमत व रास्ता अपनाने से गुरेज नहीं करते हैं। शराब व धन-बल का प्रयोग मतदाताओं को खासा प्रभावित करता है। इसी के चलते ही चुनाव में देशी व नकली शराब का कारोबार चुनाव के दौरान जोर पकड़ लेता है। कई बार नकली व मानकों की अनदेखी कर बनाई जा रही अवैध शराब में केमिकल की मात्रा अधिक होने से उसका परिणाम पीने वाले को अपनी मौत देकर चुकानी पड़ती है। सचेंडी पुलिस द्वारा बरामद नकली शराब का भी इस्तेमाल निकाय चुनाव में होने की बात सामने आई है। पुलिस की माने तो इसके पीने से कई लोगों की मौत भी हो सकती है।

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