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ट्विटर का ‘नशा’ थियेटर तक क्यों नहीं पहुंचा?

ट्विटर का ‘नशा’ थियेटर तक क्यों नहीं पहुंचा?

28-07-2013,इस हफ्ते रिलीज हुई 11 फिल्मों में जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा थी वो पूनम पांडे की ‘नशा’ थी. पूनम पांडे के बारे में दर्शक जितना जानते थे उससे ज्यादा जानने की उनकी ख्वाहिश भी नहीं होती.

‘नशा’ से उम्मीद इसलिए थी क्योंकि उसका प्रचार ही इस तरह किया गया जैसे ‘जिस्म’ की रिलीज के दस साल बाद कुछ ‘नया’ दर्शकों को दिखने वाला है.

निर्माता भी उम्मीद लगा बैठे थे कि अगर पूनम ऐसा कोई ‘बेंचमार्क’ सेट कर देती हैं तो उनका करियर पटरी पर आ जाएगा, लेकिन हुआ ऐसा कुछ भी नहीं और ‘नशा’ किसी पर नहीं चढ़ा.

हालांकि बॉक्स ऑफिस के नतीजों का आकलन वीकेंड के बाद ही लगाया जा सकता है लेकिन दो दिनों की आंकड़े बमुश्किल दो करोड़ पार कर पा रहे हैं. पूनम पांडे की फिल्म ऐसी थी जिसकी तारीफ अगर पहले दिन हुई होती तो शायद आगे दर्शक मिलने की उम्मीद भी होती.

‘नशा’ की खुमारी दर्शकों पर नहीं छाई और इससे साफ हो गया कि हर विवादित चीज को जानने या देखने की इच्छा लोगों में नहीं होती. नशा का पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन रहा 1 करोड़ 20 लाख रुपये.

पूनम पांडे की फिल्म का बिजनेस उनके लाखों फैंस की तादाद से काफी कम रहा. सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर पूनम पांडे के इस वक्त 4 लाख 9 हजार फैंस हैं. इसके बावजूद पूरी दुनिया में अगर कहीं भी पूनम पांडे के फिल्म की तारीफ हो रही है तो वो सिर्फ पूनम पांडे का ट्विटर पेज ही है. पहले दिन के नतीजों और दर्शकों की प्रतिक्रिया से साफ हो गया कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे देखने के लिए दर्शक सिनेमाहॉल के दरवाजे तक जाए इसके बावजूद भी पूनम पांडे के ट्विटर पेज पर तारीफों के पुल बांधे हुए देखे जा सकते हैं. जाहिर है सोशल वेबसाइट पर फैंस तो जुटाए जा सकते हैं लेकिन इससे थियेटर पर भीड़ नहीं जुटती..

पहले दिन ही फिल्म मल्टीप्लेक्स और बड़े शहरों में औंधे मुंह गिर गई और जो कलेक्शन आई वो पूर्वी भारत और सिंगल स्क्रीन थियेटर के हैं. फिल्म देखने वाले ज्यादातर लोग उनके ट्विटर फैंस नहीं होंगे और नशा में में कुछ ‘नया’ देखने गए होंगे..

फिल्म के किसी भी पक्ष को सराहना नहीं मिली है और इसके बावजूद पूनम पांडे के चाहने वाले फिल्म को सुपरहिट करार दे रहे हैं. भला हो सोशल मीडिया में फिल्म को हिट और फ्लॉप करने की ताकत अभी नहीं आई है.

किंगफिशर कैलेंडर गर्ल पूनम पांडे सुर्खियों में उस वक्त आई थीं जब उन्होंने टीम इंडिया के विश्व कप जीतने पर अपने कपड़े उतारने का एलान किया था. 28 साल बाद टीम जीती थी लेकिन पूनम ने अपना वादा पूरा नहीं किया..

हां, उसके बाद से अपने ट्विटर अकाउंट पर पूनम पांडे ने अपने चाहने वालों के लिए हमेशा कुछ न कुछ ‘नया’ पेश जरूर किया. ट्विटर पर फैंस की तादाद और देखते ही देखते उन्हें गूगल पर सबसे ज्यादा तलाशी जाने वाली मॉडल के खिताब से भी नवाज दिया गया.

2011 में पूनम पांडे के कारनामे शुरू हुए थे, अगले साल यानी 2012 में इंटरनेट पर वो छा गईं. जिस तरह से अधिकांश मॉडल का लक्ष्य फिल्म पाना होता है. पूनम ने भी फिल्म साइन की और उनकी तरफ से दावा तो यहां तक किया गया कि दो दर्जन स्क्रिप्ट खारिज करने के बाद पूनम पांडे ने ‘नशा’ के लिए हामी भरी है.

रिलीज से पहले ‘नशा’ के पोस्टर को लेकर विवाद भी हुआ, पोस्टर फाड़े भी गए.. जगह-जगह पूनम ने फिल्म प्रमोशन के अनूठे तरीके भी अपनाए लेकिन ये सब दर्शकों को सिनेमाहॉल तक नहीं पहुंचा सके.

पूनम को उम्मीद थी कि ट्विटर का ‘नशा’ थियेटर तक पहुंचेगा लेकिन वक्त और समय को साथ खर्च करने का जोखिम वो लोग भी नहीं उठा सके जिन्होंने पूनम पांडे को आज के जमाने की ‘मर्लिन मुनरो’ बना रखा है.

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