Sunday , 16 January 2022
Breaking News
दिल्ली दुष्कर्म : चारों दोषियों को मृत्युदंड, फैसला सुन रो पड़े दरिंदे    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध
त्रिकोणीय श्रृंखला : धौनी का कमाल, भारत की जीत

त्रिकोणीय श्रृंखला : धौनी का कमाल, भारत की जीत

12-07-2013,पोर्ट ऑफ स्पेन (त्रिनिदाद)| मुश्किल क्षणों में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (नाबाद 45) द्वारा खेली गई अदम्य साहस से भरी पारी की बदौलत भारतीय क्रिकेट टीम ने गुरुवार को क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेले गए सेल्कॉन त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को एक विकेट से हरा दिया। बीते महीने इंग्लैंड में चैम्पियंस ट्रॉफी जीतने वाली 

भारतीय टीम ने इस श्रृंखला के शुरुआत के दो मुकाबले गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई और फिर खिताब भी हासिल किया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम भारत के सामने 202 रनों का लक्ष्य ही रख सकी। जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए आसानी से जीत के करीब जाती पहुंची लेकिनश्रीलंकाई गेंदबाज रंगना हेराथ (20/4) ने उसे जीत से दूर कर दिया। एक छोर पर धौनी टिके रहे और अंतत: उन्होंने 49.4 ओवरों में एक विकेट शेष रहते अपनी टीम को शानदार जीत दिला दी। 

धौनी ने अपनी 52 गेंदों की सुनियोजित पारी में पांच चौके और दो छक्के लगाए। ऐसे में जबकि भारत ने 152 रनों पर अपने सात विकेट गंवा दिए थे, धौनी ने अपनी और साथियों की काबिलियत पर भरोसा बनाए रखा और एक महान कप्तान होने का पुख्ता सबूत पेश करते हुए टीम को जीत तक ले गए। भारत को लक्ष्य तक ले जाने में धौनी के अलावा रोहित शर्मा (58), सुरेश रैना (32) और दिनेश कार्तिक (23) की अहम भूमिका रही। 

अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 15 रनों की जरूरत थी। शमिंदा इरांगा द्वारा फेंके गए उस ओवर की पहली गेंद बेकार चली गई लेकिन स्ट्राइकर पर जमे धौनी ने आपा नहीं खोया और दूसरी गेंद पर शानदार छक्का लगाया। इसके बाद धौनी ने इरांगा की तीसरी गेंद पर एक और चौका लगाया और फिर चौथी गेंद पर छक्का लगाकर दो गेंदें शेष रहते ही अपनी टीम को नामुमकिन सी दिखने वाली जीत दिला दी।

भारत का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (16) के रूप में 23 रनों के कुल योग पर ही गिर गया था। धवन को शमिंदा इरांगा ने आउट किया। इसके बाद 27 के कुल योग पर इरांगा ने विराट कोहली (2) को भी चलता कर भारत को दूसरा करार झटका दिया।

कोहली की विदाई के बाद रोहित ने कार्तिक के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में दोनों का 23-23 रनों का योगदान रहा। कार्तिक लयम में दिख रहे थे लेकिन 23वें ओवर की आखिरी गेंद पर वह रंगना हेराथ की फिरकी में फंस गए और पहले स्लिप में माहेला जयवर्धने को कैच थमा बैठे। कार्तिक ने 37 गेंदों पर तीन चौके लगाए।

इसके बाद रोहित ने रैना के साथ चौथे विकेट के लिए 62 रन जोड़े। शानदार लय में दिख रहे रोहित ने अपना अर्धशतक 80 गेंदों पर पूरा किया लेकिन 139 के कुल योग पर वह हेराथ की एक नीची गेंद पर गच्चा खा बैठे और बोल्ड हो गए। रोहित ने 89 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया।

अब विकेट पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी अपने भरोसेमंद साथी रेना का साथ निभाने पहुंचे लेकिन रैना एक गैरजिम्मेदारी भरा शॉट खेलकर 145 के कुल योग पर सुरंग लोकमल की गेंद पर कुमार संगकारा के हाथों लपके गए। रैना ने 27 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया।

रैना की विदाई के बाद रवींद्र जडेजा (5) और रविचंद्रन अश्विन (0) हेराथ द्वारा फेंके गए पारी के 38वें ओवर की पहले और 
दूसरी गेंद पर आउट हो गए। दोनों विकेट 152 रन के कुल योग पर गिरे। हेराथ अपने इस ओवर के माध्यम से एक बार फिरश्रीलंका को मैच में वापस ले आए।

अब भुवनेश्वर कुमार (0) विकेट पर कप्तान का साथ देने आए। कप्तान ने स्ट्राइक अपने पास रखते हुए अधिक से अधिक रन बनाने की रणनीति अपनाई और दूसरे छोर पर कुमार अपना विकेट बचाते रहे। ऐसा करते हुए दोनों स्कोर को 167 रनों तक ले गए।

कुमार अपने प्रयास में सफल होते दिख रहे थे लेकिन लसिथ मलिंगा ने पारी के 42वें ओवर की पांचवीं गेंद पर एक धीमे यार्कर पर कुमार को छका दिया और इस तरह भारत का आठवां विकेट गिरा। कुमार 15 गेंदों का सामना करने के बावजूद खाता नहीं खोल सके।

कुमार के आउट होने के बाद विनय कुमार (5) ने कप्तान के साथ नौवें विकेट के लिए 15 रन जोड़े। विनय का विकेट 182 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद इशांत शर्मा (नाबाद 2) विकेट पर आए लेकिन वह दो मौकों पर रन आउट होने से बचे। इन सबके बीच धौनी ने अपने लिए अंतिम ओवर की कलाकारी बचाकर रखी और भारत को बेहतरीन जीत दिला दी।
श्रीलंकाई पारी : 

इससे पहले, रवींद्र जडेजा (23/4) के नेतृत्व में अपने गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंका को 201 रनों पर सीमित कर दिया। श्रीलंका की ओर से कुमार संगकारा ने 71 रनों का योगदान दिया। जयवर्धने ने अपने करियर का 400वां मैच खेला। यह मुकाम हासिल करने वाले वह विश्व की तीसरे और श्रीलंका के दूसरे खिलाड़ी हैं।

भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। श्रीलंकाई टीम ने खराब शुरुआत की लेकिन संगकारा ने लाहिरू थिरिमान्ने (46) के साथ मिलकर टीम को अपेक्षाकृत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंकाई टीम 48.5 ओवरों तक बल्लेबाजी कर सकी।

 शुरुआती दो विकेट सस्ते में निकल जाने के बाद थिरिमान्ने और संगकारा ने तीसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़े। संगकारा की पारी में 100 गेंदों पर छह चौके और एक चौका शामिल है। जडेजा के अलावा भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार, रविचंद्रन अश्विन और इशांत शर्मा ने दो-दो विकेट लिए।

सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा (11) और जयवर्धने ने पहले विकेट के लिए 27 रन जोड़े। थरंगा को 27 के कुल योग पर भुवनेश्वर कुमार ने आउट किया। इसके बाद 49 के कुल योग पर जयवर्धने आउट हुए। वह बल्ले से अपने 400वें मैच के जश्न को यादगार नहीं बना सके।

थिरिमान्ने ने 72 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। उनका विकेट 171 रनों के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 174 के कुल योग पर संगकारा, 176 के कुल योग पर कुशल परेरा (2) और 183 के कुल योग पर दिनेश चांडीमल (5) पवेलियन लौट गए।

कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (10) ने तेजी से रन बटोरने का प्रयास किया लेकिन वह काफी दबाव में दिख्रे। मैथ्यूज ने 24 गेंदों का सामना किया और 193 के कुल योग पर इशांत के शिकार बने। 

हेराथ (3) के रूप में श्रीलंका ने 196 के कुल योग पर अपना आठवां विकेट गंवाया और लसिंथ मलिंगा (0) को 196 के कुल योग पर जडेजा ने चलता किया। 201 के कुल योग पर जडेजा ने सुरंग लोकमल (1) को आउट करके पारी की समाप्ति की। शमिंदा इरांगा पांच रनों पर नाबाद लौटे।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*