Thursday , 21 June 2018
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पार्षद बन कर अशिक्षा दूर करूंगा -शीराज़ हबीब

पार्षद बन कर अशिक्षा दूर करूंगा -शीराज़ हबीब

कानपुर।abu obaida 9838033331 नगर में निकाय चुनाव की सरगर्मियां अब तेज़ हो चली हैं।सभी ११० वार्डों में संभावित प्रत्याशी अपना प्रचार अभियान शुरू कर चुके हैं। शहर पार्षद प्रत्याशियों की होर्डिंग से पटा पड़ा है और जनसम्पर्क अभियान गली गली घर घर किया जा रहा है। हर बार की इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार अधिक अपनी क़िस्मत आज़मा रहे हैं सभी अपने क्षेत्र में  विकास के वायदों की लिस्ट जनता को बता रहे हैं ,कोई नाली साफ़ कराने ,सफाई व सड़कें बनवाने के दावे कर रहा है तो कोई जनता की अन्य समस्याओं के निदान की बात कर रहा है। इन्ही में से एक चमड़ा कारोबारी शीराज़ हबीब भी हैं जो वार्ड ५६ से निर्दलीय प्रत्याशी हैं और वह अन्य प्रत्याशियों से कुछ अलग वायदे कर रहे हैं। शीराज़ हबीब उर्फ़ शम्मू भाई जीतने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का मन बना चुके हैं।शीराज़ का कहना है कि क्षेत्र की सड़कें और नालियां साफ़ करना कराना नगर निगम की रूटीन प्रक्रिया है लेकिन निगम शिक्षा की तरफ ख़ास या यूँ कहें कि  बिलकुल भी ध्यान नहीं देता इस लिए उनके मन में विचार आया कि वे वार्ड ५६ से पार्षद बनने के बाद इलाके के उन गरीब बच्चों के एडमिशन नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों व निजी स्कूलों में करवाएंगे।उनका मानना है कि लोग अपने बच्चों को शिक्षा देंगे तो मस्तिष्क में भरी अशिक्षा की गन्दगी साफ़ होगी जो मोहल्ले की गन्दगी को अपने आप साफ़ रखने में सहायता करेगी।४० साल के शीराज़ हबीब यूँ तो किसी राजनितिक पार्टी के सदस्य नहीं हैं लेकिन वर्ष १९९० में उन्हों ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन करके कुछ दिन सेवा की। ९० के दशक में उनके भाई छोटे थे लिहाज़ा उन्हों ने भाइयों की पढ़ाई और अपने कारोबार को संभाला और कांग्रेस का साथ छोड़ दिया।
शीराज़ के अनुसार उन्हें कई राजनितिक पार्टियों से टिकट मिल सकता था लेकिन वह किसी पार्टी विशेष की विचारधारा से जुड़ कर समाज सेवा नहीं करना चाहते इसलिए उनहोंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का विचार किया और अब बाक़ायदा अपना चुनावी अभियान शुरू कर चुके हैं। आज उन्हों ने इफ़्तेख़ाराबाद ,फूल वाली गली ,लाटूश रोड अनवर गंज आदि मोहल्लों में अपना जनसम्पर्क किया। जनसम्पर्क में लोगों से यही कहा कि मैं शिक्षा को बढ़ावा देने के मक़सद से मैदान में उतरा हूँ और आप लोग मेरा सहयोग करें। क्षेत्र की जनता को शीराज़ ने बताया कि वह सर सैयद अहमद खान और स्वामी विवेकानंद से मुतास्सिर हैं क्यूंकि इन महान हस्तियों अपना जीवन शिक्षा के विस्तार में लगा दिया जिससे आज देश में उन्नति है ,वैसी ही उन्नति के लिए वह भी अपना योगदान देना चाहते हैं।हबीब के मुताबिक़ उनकी नियत साफ़ है और मक़सद पाक इसलिए उनके मुक़ाबले में कोई ऐसा जिसे वे अपना प्रतिद्वंदी माने ,हाँ जनता के हाथ में है कि वो किसे चुन कर ज़िम्मेदारी सौंपती है।शीराज़ हबीब ने कहा कि वे समाज सेवा से जुड़े हैं ,गरीब बच्चों की फीस ,कॉपी किताबों के लिए गुप्त मदद करते हैं और आगे भी करते रहेंगे ,काफी पूछने पर भी उन्होन ने यह नहीं बताया कि किन लोगों की फीस व कॉपी किताबों में सहायता की। हबीब का कहना है कि अभी उनके पास कोई पद नहीं है इसलिए वो चाह कर भी गरीब बच्चों के एडमिशन के लिए प्रशासन पर बहुत दबाव नहीं बना पाते लेकिन पार्षद बनने के बाद एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें कुछ अधिकार मिल जाएंगे जिससे उनका काम काफी हद तक आसान हो जाएगा।शीराज़ ने कहा कि आज के जनसम्पर्क में लोगों से मिला मौखिक आश्वासन उन्हें हौसला देता है और उनका अभियान अब तेज़ी पकड़ेगा लेकिन आखरी फैसला जनता ही करेगी।

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