Thursday , 19 September 2019
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सहाबा मोहम्मद स.अ.व. के राज़दार -मौलाना ओसामा

सहाबा मोहम्मद स.अ.व. के राज़दार -मौलाना ओसामा

Patkapur Kanpur -2कानपुर:- पैगम्बर स0अ0व0 व सहाबा रजि0 की शिक्षा को मुसलमानों, देशबन्धुओं और पूरी मानवता तक पहुंचाने के लिए अंजुमन अज़मते सहाबा सोसाइटी अहाता नवाब पटकापुर द्वारा आयोजित पटकानपुर में जलसा सीरतुन्नबी सल्ल0 व सीरत सहाबा का आयोजन किया गया। जलसे में भिवंडी महाराष्ट्र से आये मुख्यअतिथि मौलाना सैयद मुहम्मद तलहा साहब कासमी ने कुरान के हवाले से कहा कि सहाबा को हजरत मुहम्मद स0अ0व0 से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद स0अ0व0 के राज़दार और वफादार साथी हैं। अल्लाह ने कुरान में ही सहाबा का जिक्र फरमाते हुए कहा है कि सहाबा काफिरों, नाशुक्रों, नाफरमानों, हठधर्मियों और जानबूझ कर इनकार करने वालों के लिए और जुल्म करने वालों के लिए दूसरों से अधिक सख्त हैं और हजरत मुहम्मद सल्ल0 के जानिसारों और वफादारों लिए बेहद नरम हैं। मोलानाने आगे कहा कि हम जब कभी दुआ माँगें तो शुरू और अंत में दरूद शरीफ जरूर पढ़ें, क्योंकि अल्लाह दरूद शरीफ की कुबूलियत रद्द नहीं करते। मौलाना ने बयान करते हुए कहा कि अल्लाह के प्यारे पैगंबर मोहम्मद के सहाबा ने जाकर किसी क्षेत्र पर इसलिए विजय नहीं किया था कि उन्हें देश, धन ,जागीर की लालच थी, बल्कि उस क्षेत्र में जालिमों को अत्याचार और अन्याय से रोकने आए थे। मौलाना ने कहा कि सहाबा द्वारा इस्लाम लेकर पहुंचने से पहले रोम और ईरान में किसानों और गुलामों का जीवन जानवरों से बदतर था, सहाबा ने वहां जाकर लोगों को सच्चे धर्म से परिचित कराया। जलसे में कार्यवाहक क़ाजी ए शहर मौलाना मुहम्मद मतीनुल हक़ उसामा कासमी ने अपने बयान में कहा कि हजरत मुहम्मद स0अ0व0 और आपके साथी यानी सारे सहाबा पूरी दुनिया के लिए आदर्श और नमूना है। जिस तरह हजूर स0अ0व0 की नुबुव्वत और कुरान कयामत तक के लिए इसी तरह सहाबा की महानता भी कयामत तक के लिए है। लेकिन आज लोगों की जानकारी और सोच और अध्ययन सीमित है इसलिए हम इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इसलिए आज युवाओं और बच्चों को उलेमाओं जुड़ने की जरूरत है और इन उलेमाओं से नबी की महानता, सहाबा रजि0, औलिया अल्लाह, बुजुर्गों से धर्म की उपलब्धियों और इसकी महानता को जानने की जरूरत है। जलसे का संचालन क़ारी मुहम्मद आसिफ साकि़बी ने किया। मौलाना हिफ्जुर्रहमान क़ासमी ने देखरेख की, क़ारी मुजीबुल्लाह इरफानी ने तिलावत फरमाई। हाफिज अमीनुल हक़ अब्दुल्ला ने नात और मनकबत पेश किया। जलसे में बबलू भाई, मुफ्ती इज़हार मुकर्रम क़ासमी, क़ारी शमशेर, क़ारी अनीस साबरी, शाहनवाज भाई, अनवारुल हुदा एडवोकेट, हाफिज कासिम, हाफिज जमाल, परवेज भाई इमरान भाई के साथ सैकड़ों की संख्या में युवाओं, बुजुर्गों और नौनिहालों ने भाग लिया ।

 

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