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रौशनी का पैग़ाम पंहुचा सरहद पार

रौशनी का पैग़ाम पंहुचा सरहद पार

17.04.2015.

दिवंगत सरोज खन्ना की आँखों से अब पाकिस्तान की हुस्न आरा और भारत के दया शंकर दुनिया देख सकें गे.  ये मुमकिन हुआ है देहदान नेत्रदान की मुहीम चलने वाले मनोज सेंगर और शिफ़ा आई रिसर्च सेंटर के डाक्टर मेहमूद रहमानी के प्रयास से।

विगत ६ अप्रेल २०१५ को इस दुनिया से विदा लेने वाली विजय नगर निवासी ८५वर्षीय सरोज खन्ना ने अपने जीवन में ही नेत्रदान का संकल्प लिया था  मृत्यु के उपरांत डाक्टर मेहमूद रहमानी ने कार्निया सुरक्षित कर लिए थे जिन्हे फतेहपुर जनपद के ५१ साल के दया शंकर और पाकिस्तान के कराची शहर के रहने वाली हुस्न आरा की आँखों में सफलता पूर्वक प्रत्यारोपित कर दिया गया। डॉ मेहमूद रहमानी का ये ६९२वां निशुल्क कार्निया ट्रांसप्लांट था.कराची से आई हुस्नआरा भारत में अपने इलाज से ज़्यादा भारत की मेहमान नवाज़ी से खुश थीं वहीँ दया शंकर भी सरोज खन्ना को दुआएं देते नहीं थक रहे थे. डॉ रहमानी ने बताया की इस तरह के ऑपरेशन वो निशुल्क करते हैं और मरीज़ों को दवा भी मुफ्त दी जाती है. डॉ रहमानी ने लोगों से मनोज सेंगर के युग दधीचि देहदान अभियान से जुड़ने की गुज़ारिश की.कल  एक सादे से समारोह में शिफ़ा आई रिसर्च सेंटर चमन गंज में जब मरीज़ों की पट्टी खोली गई तो वहां ख़ुशी का माहोल था . इस अवसर पर डा रहमानी,तौफ़ीक़ अहमद ,मदन भाटिया ,एवं मनोज सेंगर मौजूद थे।कार्यक्रम में दिवंदत आत्मा की शांति के लिए दुआ की गई और उनके अमूल्य योगदान के लिए परिजनों को सम्मानित किया गया ।abu obaida 9838033331

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