Saturday , 25 September 2021
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पुलिस की घेरे बंदी के बाद हिस्ट्रीशीटर गौरव डॉन ने फाँसी लगा की आत्महत्या।

कानपुर..अभय त्रिपाठी :-फत्तेपुरगोही गाँव में हिस्ट्रीशीटर के घर दबिश देने गई पुलिस के सामने ही देर रात कमरे में फर्दा लगाने वाली खूटी से फांसी लगाकर जान दे दी . इस घटना के बाद बर्रा पुलिस के हाथ पैर फूल गए और कमरे के लोहे की जाली तोड़कर कमरे से शव को बाहर निकाला गया l बताया जा रहा है कि बीते मंगलवार देर रात को हिस्ट्रीशीटर के घर को पुलिस ने घेर लिया था और देर रात तक घेराबंदी के चलते उसने फांसी लगा ली l वही परिजनों का आरोप है कि पुलिस प्रताड़ना से अजीज हो कर गौरव डॉन ने फांसी लगाई है l गौरव पर एक दर्जन से अधिक मुक़दमे थे l

बर्रा थाना क्षेत्र के फत्तेहपुरगोही गाँव में रहने वाला गौरव सिंह उर्फ़ गौरव डॉन ने 27 जनवरी 2010 को अपनी सौतेली माँ वेदना ,सतेले भाई अनुज व् पिता राजबहादुर की कुलहाड़ी से काट कर हत्या कर दी थी l तब गौरव की उम्र मात्र 17 साल की थी l यह उसके अपराधिक रिकार्ड की पहली घटना थी l इसके गौरव ने पीछे मुड कर नही देखा और अपने अपराधो की लिस्ट में इजाफा करता चला गया l इस गौरव के परिवार के परिवार में उसका सगा भाई सौरभ जो बीएससी की पढाई कर रहा है और बहन सोनम है l

गौरव के चाचा बलवान के मकान को मंगलवार की देर रात बड़ी संख्या में बर्रा फ़ोर्स ने पूरे मकान को चारो तरफ से घेर लिया था l उस समय गौरव अपने घर में था पुलिस को देखकर गौरव छत पर चढ़ गया और मकान के पीछे से छत से कूद की फ़िराक में था l लेकिन मकान के पीछे भी पुलिस ने घेरा बंदी कर रखी थी l इसके बाद छत से होते हुए चाचा के मकान में आ गया और जीने से उतर कर उसने अपने आप को कमरे में बंद कर लिया l बस इतनी ही देर में पुलिस भी कमरे के बाहर आ गई l कई घंटे तक पुलिस उसको कमरे से बाहर निकालने का प्रयास करती रही लेकिन वह कमरे से बाहर नही निकला l गौरव ने पुलिस से कहा कि यदि कमरे का दरवाजा तोड़ोगे तो वह फांसी लगा लेगा l लेकिन कमरे के बाहर ही उसका इंतजार करती रही l रात को जब पुलिस को कमरे के अन्दर से कोई हलचल नही मिली तो खिड़की के शीशे को तोड़ दिया और झाक कर देखा कि गौरव का शव दरवाजे के बगल में फरदे के कुंडे से लटक रहा था l

 गौरव के भाई का कहना है कि पुलिस कमरे के बाहर खड़ी रही और भाई ने फांसी लगा ली l इससे बड़ी दुख की बात क्या है l सौरभ ने बताया कि गौरव कमरे के अन्दर से कह रहा था कि साहब हम फांसी लगा लेगे l लेकिन पुलिस नही मानी आखिर उसको मजबूरी में फांसी लगानी पड़ी l

सीओ गोविन्द नगर ओपी सिंह के मुताबिक, ग्रामीणों ने मंगलवार की शाम को मेहरबान सिंह पुरवा चौकी इंचार्ज विकेश बाबू को सूचना दी कि गौरव किसी लड़की को लेकर आया है और उसने लड़की को बंधक बनाए हुए है। सूचना के बाद बर्रा पुलिस मौके पर पहुंची तो लड़की तो नहीं मिली लेकिन गौरव मिल गया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

गौरव का अपराधिक रिकार्ड :

मुकदमा संख्या 90, सन 2010 आईपीसी की धारा 302
मुकदमा संख्या 1217, सन 2011 आईपीसी की धारा 325
मुकदमा संख्या 460, सन 2014 आईपीसी की धारा 323,504,506
मुकदमा संख्या 147, सन 2014 आईपीसी की धारा 110 (G)
मुकदमा संख्या 43, सन 2014 आईपीसी की धारा 4/25
मुकदमा संख्या 438, सन 2013 आईपीसी की धारा 308
मुकदमा संख्या 286, सन 2013 में NDPS 21/22
मुकदमा संख्या 228 सन आईपीसी की धारा 147,14B,323,308,427
मुकदमा संख्या 177, सन आईपीसी की धारा 341, गुंडा एक्ट
मुकदमा संख्या 809, सन आईपीसी की धारा 308,323,504,427
मुकदमा संख्या 533, सन 2012 आईपीसी 41/401
मुकदमा संख्या 501, सन 2012 आईपीसी की धारा 457,380,411
ये सभी मामले बर्रा थाने में दर्ज है।

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