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अरहर के बाद अब सरसों के तेल में लगी आग

अरहर के बाद अब सरसों के तेल में लगी आग

edible-oil-bottles-250x250कानपुर- राजेश मिश्र- थाली में दाल देखने का तरस चुकी जनता के सामने अब सब्जी का स्वाद भी फीका पड़ने लगा है। आलम यह है कि पिछले एक माह में सरसो के तेल की कीमत 90 से बढ़कर 145 से 150 रूपये की बीच पहंुच गई है। मूल्य वृद्धि  के लिए व्यापारी रबी के सीजन में सरसों की कम पैदावार को जिम्मेदार बता रहे है। जबकि पिछले साल के मुकाबले चालू फसल वर्ष में सरसों की उपज में 14-68 लाख टन की कमी आई है। वर्ष 13-14 में 78-77 लाख टन सरसों की पैदावार हुई थी जो 2014-15 में घटकर 63-09 लाख टन रह गई है। इस कमी के चलते बाजार में सरसों के तेल के मूल्यों में एकाएक तेजी आ गई है। और पिछले अगस्त माह में 90 रूपये प्रतिकिलो की दर से बिकने वाले यह तेल 150 रूपये प्रतिकिलो पहंुच गया है। देश के अन्य शहरों में भी सरसों के तेल में भी यही तेजी दिखाई पढ़ रही है जिसके चलते व्यापारी भी बाहर से सरसों का तेल मंगवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है। जिन्स बाजार के सूत्रों की मानें तो मुनाफा खोरों के लिए जमाखोरी की सक्रियता से सरसों के तेल के दामों में अचानक बढौतरी  आई है इसका कारण यह भी माना जा रहा है कि सरसों के तेल का उपयोग देश के कुछ हिस्सों में  बहुत अधिक होता है। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार , झारखंड, उडीसा, पश्चिम बंगाल,उत्तराखंड  शामिल है। खाद्य तेलों की घरेलू खपत का बड़ा हिस्सा आयात के जरियें पूरा किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय  बाजार में फिलहाल खाद्य तेले को भारी स्टाक होने की वजह से कीमतों में काफी मंदी चल रही है। इस लिए सरसों के तेल की कम आपूर्ति का असर बहुत दिनों तक बाजार में नहीं ठहर सकेगा क्योंकि कंेद्र सरकार ने बाहरी मुल्कों से तेल के आयात की प्रक्रिया की पहल प्रारम्भ कर दी है। लेकिन तब तक जमाखोर इसी तरह जनता को लूटते रहेगे इस बात से तो इंकार किया  नहीं जा सकता इसका अंदाजा  पिछले दिनों विदेशों की मंगाई गई दालो से लगाया जा सकता है जो दो माह तक बंदरगाहों पर पड़ी रही और व्यापारी जनता के जेब काटने में जुटे रहे। जिन्स बाजार के सूत्रों का यह दावा है कि बाजार में स्टाक की कमी नही है लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते जानबूझकर सरसों के तेल का कृत्रिम  संकट पैदा किया जा रहा है। जिससे निपटना सरकार की जिम्मेदारी है। और अगर दाल की तरह तेल पर भी सरकार ने अपनी आंखें बंद रखी तो कोई बड़ी बात नहीं कि आने वाले दिनों में सरसों के तेल की कीमत 170 से लेकर 200 तक प्रतिकिलो पहंुच सकती है।

 

 

 

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