Monday , 22 July 2019
Breaking News
ग्राम प्रधान का दलित परिवार पर कहर वृद्ध की गई जान, कई घायल

ग्राम प्रधान का दलित परिवार पर कहर वृद्ध की गई जान, कई घायल

कानपुर। बिधनू थाना क्षेत्र में बीती रात ग्राम प्रधान की शह पर दलित परिवार के साथ खेले गये खूनी खेल में एक वृद्ध की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। वहीं दलित परिवार सहमा हुआ है। बिधनू पुलिस की लगातार दबिश के बाद भी हमलवार गिरफ्त से बाहर है।
बिधनू थाना के मझावन चैकी क्षेत्र स्थित शाहपुर गांव निवासी दलित राजेंद्र के परिवार पर बीती रात ग्राम प्रधान शैलेन्द्र ने साथी राहुल, आकाश व शंकर के साथ मिलकर जमकर कहर बरपाया और पूरे परिवार को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। उनके इस खूनी खेल में परिवार के छह सदस्य घायल हुए, जिनमंे तीन को गंम्भीर हालत में बिधनू के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उन्हें कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुधवार की सुबह दलित राजेंद्र के पिता 75  साल के मोहनलाल की मौत हो गई। हालांकि  पुलिस ने प्रधान के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है लेकिन परिजनों के मुताबिक कार्यवाही में लापरवाही बरती जा रही है। एसओ जीवाराम यादव ने बताया कि मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
चुनावी रंजिश बना मौत का कारण
पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए खड़ा होना दलित राजेन्द्र को इतना महंगा पड़ा कि उसे इसकी कीमत अपने पिता की जान देकर चुकानी पड़ी। यहीं नही उसके परिवार के सदस्य भी बुरी तरह घायल है।
वृद्ध पर भी नहीं आया हमलावरों को रहम
घर के बाहर चारपाई पर लेटे हुए राजेन्द्र के पिता पर अचानक ग्राम प्रधान व उसके साथियों ने लाठी-डंडांे से हमला कर दिया। वृद्ध चारपाई पर ही लहूलुहान होकर बेहोश हो गया। हमलावर घर के अंदर दाखिल हुए और घर के अंदर मौजूद महिलाओं व बच्चों को पीट-पीट कर घायल कर दिया और फरार हो गये।
मूकदर्शक बने रहे ग्रामीण
राजेन्द्र की बेटी ज्योती ने बताया कि ग्राम प्रधान व उसके साथी जब उसके परिवार को मारपीट रहे थे, तब ग्रामीण तमाशाबीन बने हुए थे। किसी ने उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटाई। अगर ग्रामीण उनका विरोध करते तो शायद मेरे बाबा जिंदा होते।
पुलिस की दिखी लापरवाही
पीड़ित परिवार के मुताबिक बीती छह मई को भी ग्राम प्रधान द्वारा देख लेने की धमकी दी थी। जिसकी शिकायत मझावन चैकी इंचार्ज से की गई थी। लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की और न ही मामले की जांच के लिए कोई पुलिस कर्मी गांव पहुंचा। जिससे हमलावरों को हौसले और बुलंद हो गये और उन्होंने मंगलवार की रात खूनी खेल खेलकर इलाके में दहशत फैला दी।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>