Wednesday , 8 December 2021
Breaking News
दिल्ली दुष्कर्म : चारों दोषियों को मृत्युदंड, फैसला सुन रो पड़े दरिंदे    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध
मेरठ: सब कुछ गिरवी, अब क्या रखें…

मेरठ: सब कुछ गिरवी, अब क्या रखें…

13-07-2013, मेरठ पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सभी बिजलीघर और ऑफिस समेत अधिकांश संपत्तियां लोन के बदले गिरवी रखी हैं। आरएपीडीआरपी (द्वितीय पार्ट) योजना के लिये पीवीवीएनएल को 355 करोड़ का लोन लेना है, लेकिन उसके लिए ऐसी संपत्ति नहीं मिल रही है जिसे गिरवी रखा जा सके। दो बार बिजलीघरों की सूची भी गई, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। अब पीवीवीएनएल अफसर चिंतित हैं।
केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को पूरा करने को अपने हिस्से की राशि जुटाने के लिए तथा अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए पावर कारपोरेशन की सभी कंपनियां लोन लेती हैं। पीवीवीएनएल पर भी वर्तमान में लगभग दो हजार करोड़ का लोन है। इस लोन की किश्त चुकाने के साथ साथ गारंटी के रूप में कंपनी ने अपने सैकड़ों बिजलीघर तथा ऑफिस तक गिरवी रख रखे हैं।

अब केंद्र सरकार की आरएपीडीआरपी योजना के पार्ट टू के तहत नए बिजलीघर बनाए जाने हैं तथा पुराने बिजलीघरों की क्षमतावृद्धि समेत तमाम कार्य किए जाने हैं। यह योजना लगभग 400 करोड़ रुपये की है। केंद्र के निर्देश के मुताबिक, कंपनी को पूरी योजना की 10 फीसदी राशि का इंतजाम करना होता है, बाकी राशि को ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) अथवा किसी बैंक से लोन के रूप में उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के लिए फिलहाल पीवीवीएनएल 355 करोड़ के लोन की तैयारी कर रहा है, लेकिन अफसरों को इस लोन के बदले गिरवी रखने के लिए संपत्ति नहीं मिल रही है। आरईसी को कंपनी के अधिकारी दो बार बिजलीघरों व अन्य संपत्तियों की सूची भेज चुके हैं, लेकिन इनमें अधिकांश ऐसी थीं जो कि पहले से गिरवी हैं। लिहाजा दोनों बार सूची को रिजेक्ट कर दिया गया। अब कंपनी के अधिकारी गिरवी रखने के लिए बिजलीघरों व संपत्तियों की तलाश में जुटे हैं।

पीवीवीएनएल की संपत्तियां

33 केवी बिजलीघर लगभग 2200

अफसरों के कार्यालय 1600

वार्षिक राजस्व लक्ष्य 9000 करोड़

गत वर्ष लक्ष्य 8400 करोड़

वसूली 7300 करोड़

ढांचा सुधार को जरूरत 5000 करोड़

एनसीआर में जरूरत 4000 करोड़

इन्होंने कहा..

लोन के लिए अकाउंट की स्थिति चेक कराने के साथ-साथ संपत्तियां भी गिरवी रखी जाती हैं। कंपनी के पास संपत्तियों की कमी नहीं है। इसके लिए सूची भेज दी गई है।

वीवी पंत, प्रबंध निदेशक

लोन की राशि की 105 फीसदी कीमत की संपत्ति आरईसी के पास रखनी होती है। कंपनी पर फिलहाल मात्र 1000 करोड़ का लोन है, जबकि संपत्तियां 6000 करोड़ से अधिक की हैं। इस राशि से बनने वाले बिजलीघरों को भी उक्त सूची में शामिल किया जाता है। फिलहाल सूची भेज दी गई है।

– आरपी गुप्ता, निदेशक, वित्त पीवीवीएनएल. Report: – Sanjay Thakur.

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*