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मेरठ: नगर निगम में स्क्रैप घोटाला।……

मेरठ: नगर निगम में स्क्रैप घोटाला।……

08-07-2013 मेरठ। नगर निगम के जलकल विभाग में स्क्रैप घोटाले की बू आ रही है। ट्यूबवेल और पाइप लाइन से निकलने वाला स्क्रैप कहां जमा है, यह किसी को पता नहीं। यदि बेचा गया तो कब यह भी किसी को नहीं मालूम। सूचना अधिकार के तहत पूछे गए सवाल का जवाब भी नगर निगम देने को तैयार नहीं है।
महानगर में 124 ट्यूबवेल हैं। सभी मोहल्लों में हैंडपंप लगे हैं। सैकड़ों किलोमीटर पानी की पाइप लाइन है। जिनके रखरखाव पर प्रतिवर्ष लाखों रुपये खर्च होते हैं। इससे निकले स्क्रैप को नगर निगम में रखा जाता है। मगर पिछले सात साल से स्क्रैप कहां रखा जा रहा है। अगर बेचा गया है तो उससे मिलने वाला धन किस खाते में जमा किया गया। इसकी जानकारी नगर निगम में किसी को नहीं है। इस संबंध में पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी। मगर एक माह बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्क्रैप को बेचकर नगर निगम को चूना लगाया जा रहा है।

पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
जलकल प्रभारी मोइनुद्दीन ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि हमारे पास जलकल की नई जिम्मेदारी है। स्क्रैप कहां गया इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। इस संबंध में स्टोर प्रभारी ही बता सकते हैं। जबकि जलकल विभाग के स्टोर प्रभारी दीपक सक्सेना का कहना है कि आरटीआई का जवाब दे दिया जाएगा। स्क्रैप के बारे में भी बता दिया जाएगा।

ऐसे भी होता है खेल
दरअसल, स्क्रैप में दो तरह का खेल होता है। पहला यह कि स्क्रैप का कहीं पता नहीं चलता। दूसरा यह कि स्क्रैप में से बढ़िया माल छांटकर उसे नए की जगह लगाया जाता है। यानि दोनों तरफ से फायदा।

अगर स्क्रैप नहीं मिलता है और बेच दिए जाने के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को प्रमुख सचिव को लिखा जाएगा। – हरिकांत अहलूवालिया, महापौर

– एक माह पहले आरटीआई डाली थी। अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। स्पष्ट हो गया है कि 2006 से अब तक ट्यूबवेल और पाइप लाइनों से निकले स्क्रैप का घोटाला हुआ है। अगर ऐसा नहीं है तो नगर निगम को तत्काल आरटीआई का जवाब देना चाहिए। – अजय गुप्ता एडवोकेट, पूर्व पार्षद

महानगर में लगी ट्यूबवेलों, हैंडपंपों में आए दिन खराबी आती रहती है। स्क्रैप भी निकलता है। इस कार्यकाल में जलकल के स्क्रैप की कोई नीलामी भी नहीं हुई है। और न ही स्क्रैप की जानकारी बोर्ड को दी गई है। जिससे स्पष्ट है कि जरूर घोटाला हो रहा है। इस मामले को बोर्ड उठाया जाएगा। – विजय आनंद, पार्षद. Report:- Sanjay Thakur

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One comment

  1. thnx q so much sir g you rely god work

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