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मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने मांगा है साप्ताहिक भुगतान शेड्यूल………

09-07-2013 मेरठ। हाईकोर्ट के गन्ना भुगतान आदेश के बाद गन्ना विभाग ने भले ही एक बार फिर चीनी मिलों से बकाया भुगतान शेड्यूल की मांग की हो लेकिन सच तो यह है कि मिलें शेड्यूल देकर भुगतान से मुकर जाती हैं। इसके पहले भी चीनी मिलों ने दिए गए मासिक भुगतान शेड्यूल के अनुसार भुगतान नहीं किया था। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने मंगलवार तक साप्ताहिक भुगतान शेड्यूल देने के आदेश दिए हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र की चीनी मिलों को दो सप्ताह में और बाकी चीनी मिलों को छह सप्ताह में भुगतान करना है।
तमाम सरकारी रियायतों के बाद भी चीनी मिल किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही हैं। मेरठ मंडल में जहां 750 करोड़ रुपये बकाया है, वहीं जनपद की चीनी मिलों पर करीब 375 करोड़ रुपये बकाया है। प्रदेश की चीनी मिलों पर 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया भुगतान लंबित होने पर 4 जुलाई को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने किसान नेता सरदार वीएम सिंह की याचिका पर छह सप्ताह यानी 15 अगस्त तक भुगतान का आदेश दिया था। कोर्ट ने बाढ़ ग्रस्त जिलों की चीनी मिलों को तो दो सप्ताह में पेमेंट देने को कहा है। इसके चलते गन्ना विभाग ने चीनी मिलों से भुगतान शेड्यूल मांगा है। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह ने आदेश के बाद चीनी मिल प्रबंधन को बुलाकर मंगलवार तक मिल अध्यासी के हस्ताक्षर से साप्ताहिक भुगतान शेड्यूल मांगा है।
आरसी जारी होते ही हो जाएगा पेमेंट
रालोद नेता डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि हाईकोर्ट ने भले ही मिलों को 15 अगस्त तक बकाया भुगतान करने के आदेश दिया हो लेकिन सरकार अभी तक भी नहीं जागी है। अप्रैल फर्स्ट वीक में पेराई सत्र खत्म हो गया था। अब तब भुगतान नहीं हुआ है। जब तक मिलों को आरसी जारी नहीं होगी, भुगतान शेड्यूल लेेने पर भी मिल भुगतान नहीं करेंगी। आरसी जारी होते ही मिल शत-प्रतिशत भुगतान कर देंगी।

Report:- Sanjay Thakur.

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