Tuesday , 21 September 2021
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माता ने नहीं दिया दर्शन तो समाधि में त्याग दूंगा प्राण

माता ने नहीं दिया दर्शन तो समाधि में त्याग दूंगा प्राण

कानपुर। आस्था के नाम पर अंधविश्वास की रोकथाम के लिए सरकार व सामाजिक संगठन तमाम कदम उठाए लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे है। इसकी बानगी  कानपुर के चैबेपुर इलाके में देखने को मिली। यहां पर एक शख्स  बीते सात दिनों से जमीन में समाधि लिए हुए है। उसकी माने तो जब तक माता उसे दर्शन नहीं देंगी वह समाधि से नहीं निकलेगा। वहीं ग्रामीण भी आस्था के नाम पर अब उसकी पूजा अर्चना करने में जुटे हैं।
मूलरूप से बनारस निवासी सुधाकर शुक्ला पिछले पांच साल से कानपुर के चैबेपुर स्थित ततारा गांव में रह रहा है। यहां रहकर वह मजदूरी करता है और जो पैसे कमाता है उसे माता के मंदिर बनवाने में लगा देता है। सुधाकर के अनुसार वह बचपन से ही हर समय मां शारदा के भक्ति में लीन रहता था। घर में मन नहीं लगने कि वजह से वह आठ साल की उम्र में घर से भागकर कोलकत्ता चला गया। कोलकत्ता में करीब पांच साल रहने के बाद वह कानपुर आ गया। यहां आकर मजदूरी कर भर-पोषण करने लगा। काम के बाद वह पूजा पाठ में लीन हो जाता। सुधाकर की माने तो इस दौरान ही उसको माता ने दर्शन दिए, जिसके बाद से उसने गांव से जाने की विचार निकाल दिया और उनकी पूजा में मग्न हो गया।
मां के दर्शन के बाद जाने से किया मना
कानपुर में काम करते सुधाकर की मुलाकात ततार गांव निवासी किशन से हुई। किशन के साथ वह चैबेपुर स्थित गांव में पिछले पांच साल से रह रहा है। सुधाकर के मुताबिक, यहां आने के बाद उसे मां शारदा के दर्शन हुए और उन्होंने यहां से जाने से मना कर दिया। उसकी माने तो पूजा अर्चना के दौरान उसे दर्शन दिए जाने का वचन दिया है। जिसके बाद से वह समाधि लेेकर उनकी भक्ति में लीन हो गया है। अब उसका मानना है कि जब वह माता के दर्शन नहीं कर लेता समाधि से नहीं निकेलगा। यहीं नहीं उसके मुताबिक अगले दो दिनों में माता उसे दर्शन देंगी।
ग्रामीण कर रहे पूजा-अर्चना व भजन-कीर्तन
समाधि लेने वाले शख्स की की मुराद पूरी हो, इसके लिए गांव वाले गाना बजाना और भजन कीर्तन कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि उसकी भक्ति देख विश्वास है कि मां शारदा उसको दर्शन जरूर देंगी। अब इसे ग्रामीणों की आस्था कहे या अंधविश्वास, लेकिन यह तो अलगे दो दिन बाद ही पता चलेगा कि समाधि लिए शख्स आस्था के नाम पर ग्रामीणों को ठग रहा है या फिर वाकई उसे माता दर्शन देकर उसके मुरादें पूरी करने वाली है।

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