Saturday , 25 September 2021
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नफरत की दीवार गिराकर प्यार बांटना मकसद -मंसूरी

नफरत की दीवार गिराकर प्यार बांटना मकसद -मंसूरी

कानपुर।6 दिसंबर को  बाबरी मस्जिद  की शहादत के बाद देश में हिन्दुओं और मुसलमानो के बीच पैदा हुई   नफरत को कम करने और खुद के बे औलाद होने के गम को भुलाने के लिए इफ्तेखाराबाद  निवासी हाजी रबीउल्लाह मंसूरी ने एक अनोखा संकल्प लिया जिसके तहत उन्हों ने घनी बस्ती के बीच सर्वधर्म सामूहिक विवाह का आयोजन करना शुरू किया और वह अपने मक़सद में कामयाब होते गए।बे औलाद  हाजी रबीउल्लाह मंसूरी यूँ तो पिछले २५ सालों से गरीब बेटियों की शादी का ज़िम्मा खुद उठते चले आरहे हैं लेकिन  बाबरी मस्जिद शहीद होने के बाद उन्हें ख्याल आया कि हर साल छ दिसंबर को लोग तनाव और ख़ुशी  में आकर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं जिस से देश में नफरत और बढ़ती है। बाबरी मस्जिद की शहादत से पहले हाजी अपने कार्यक्रम को किसी भी डेट में सम्पन्न करा देते थे लेकिन उस हादसे के बाद उन्हों ने जान बूझ कर छ दिसंबर की तारीख चुनी और एक ही पंडाल में हिन्दू और मुसलमानो की शादियां सामूहिक रूप से करनी शुरू कर दीं। हाजी रबीउल्लाह के इस पाक मक़सद में लोग बढ़ चढ़ के हिस्सा लेने लगे।हाजी रबी उल्लाह के अनुसार अब ६ दिसंबर को वैसा तनाव नहीं दिखता लिहाज़ा वह भी इस समारोह को किसी भी तारीख में सम्पन्न करा देते हैं।  अब आलम यह है कि इनके द्वारा कराये जाने वाले सामूहिक विवाह में शहर भर की नामी हस्तियां और जिला प्रशासन शरीक होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीवाद देते हैं। रविवार को भी सुपर सेवा संस्थान व आल इंडिया जमीयतुल मंसूर के बैनर तले ११ जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया हालाँकि रजिस्ट्रेशन २१ जोड़ों का हुआ था।  जिसमे ख़ास बात यह रही कि इस बार हुए सामूहिक विवाह में ११ में से आठ जोड़े हिन्दू थे जब की तीन मुसलमान।संस्थान की और से बारात उठाने के लिए बकायदा बैंड बाजे का प्रबंध किया गया था। सोमदत्त प्लाज़ा परेड से ११ घोड़ों पर सवार दूल्हे बैंड के साथ समूह में  इफ्तेखाराबाद के लिए निकले तो रास्ते भर लोगों ने हैरत से देखा और जब असलियत पता चली तो बहुत  से लोग दौड़ कर फूल की पंखुड़िया खरीद लाये और बारातियों पर पुष्प वर्षा की। सोमदत्त प्लाज़ा से इफ्तेखाराबाद के बीच तीन किलोमीटर तक के सफर में कई घरों से पुष्प वर्षा की गयी। लोगों ने जगह जगह मंच बना कर बारातियों को शरबत और ठंडा पानी पिलाया।
बैंड की धुन पर नाचते गाते बाराती इफ्तेखाराबाद स्थित विवाहस्थल पर पहुंचे तो  उनका स्वागत अनीस मंसूरी राजयमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार हाजी रबीउल्लाह मंसूरी रईसुद्दीन खान व अन्य लोगों ने फूल मालाओं से किया सवागत के बाद एक ही मंच पर आठ हिन्दू जोड़ों ने हज़ारों अतिथियों के सामने एक दूसरे  को जयमाला डाली वहीँ तीन मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। विदाई के समय हाजी रबीउल्लाह ने सभी बेटियों को नम आँखों से विदा किया और घरेलु उपयोग का सामान उपहार स्वरुप भेंट किया। इस अवसर पर हाजी  ने कहा अल्लाह ने औलाद नहीं दी तो क्या हुआ सब ही मेरी बेटियां हैं और उनके विवाह के लिए ऊपर वाला कारोबार में इतनी बरकत देता है कि वह इस काम को बखूबी अंजाम दे पाते हैं। सामूहिक विवाह में मुख्य रूप से सपा नगर अध्यक्ष हाजी फज़ल महमूद ,बसपा के सलीम अहमद ,मोहम्मद शफीक ,अहमद वकील अहमद बरकाती ,मुर्तज़ा खान शरीक हुए

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