Thursday , 21 November 2019
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कानपुर। दरवाज़े पर हुई दस्तक ने महिला को ज़िंदा जलने से बचाया।मिटटी के तेल में भीगी महिला को देख लोग दहले ।

कानपुर। दरवाज़े पर हुई दस्तक ने महिला को ज़िंदा जलने से बचाया।मिटटी के तेल में भीगी महिला को देख लोग दहले ।


IMG-20150531-WA0002okkkkkabu obaida एक विवाहिता  को उसके पति सास ससुर और नन्द ने अपने शिकंजे में कसा फिर उस पर मट्टी का तेल डाला माचिस उठाई ,आग लगाने चले तो दरवाज़े पर दस्तक हुई ,आग लगाने जा रहे ससुर ने दरवाज़ा खोला तो मिटटी के तेल में सराबोर महिला दरवाज़े के बाहर बचाव बचाव की आवाज़ लगाते  हुए  भागी। महिला की चीखें सुन कर मोहल्ला इकठ्ठा हो गया ,पड़ोसियों ने महिला को सुरक्षित उसके मायके पहुचाया जहाँ उसने हिचकितों के बीच अपने माता पिता को बताया की बेटा  न पैदा करने के जुर्म में ससुराल वाले उसे जला कर मारने वाले थे मगर कोई फरिश्ता बन कर दरवाज़े पर आया और उसकी जान बच गयी । ये किसी फिल्म का सीन नहीं बल्कि नवबस्ता  नारायणी पूरा की वास्तविक घटना है जो आज सुबह हुई।
जानकारी के मुताबिक नवबस्ता के रहने वाले देवेन्द्र गुप्ता ने अपनी बेटी दीपिका की शादी वर्ष २००९ में नारायणी पूरा निवासी अवनीश से की थी शादी में अपनी हैसियत के मुताबिक खर्च कर बेटी को अवनीश के हाथों सौंपा था। शादी के एक साल बाद घर में बेटी पैदा हुई तो सब को  ख़ुशी हुई मगर अगले ही वर्ष फिर एक बेटी ने जन्म लिया तो ससुरालियों की भँवें तन गयीं और बहु पर बेटा  न पैदा कर सकने पर  ज़ुल्म ढाने शुरू कर दिए। आये दिन पति द्वारा मारपीट शुरू हो गयी वहीँ सास ससुर और ननद ने ताने  मार कर दीपिका का जीना मुहाल कर दिया।कई कई दिन उसे भूखा रखा गया ,इतना ज़ुल्म सहने के बाद भी उसने सालों किसी से शिकायत नहीं की।बेटी को मिटटी के तेल से सना देख दीपिका की माँ  बेहोश हो गयी वहीँ पिता  देवेन्द्र के आंसू निकल पड़े। तुरंत नवबस्ता थाने को मामला बताया गया ,पुलिस  पीड़ित महिला के ससुराल पहुंची तो वहां ताला लटका था।खबर लिखे जाने तक नवबस्ता थाने में मुक़दमा दर्ज नहीं किया गया पुलिस अभी जांच कर रही है।

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