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हरदोई .वो डूबता रहा पुलिस देखती रही “और वो मर गया”

हरदोई .वो डूबता रहा पुलिस देखती रही “और वो मर गया”

amir kirmani हरदोई, 26 जुलाई।अपनी कार्यशैली को लेकर आये दिन चर्चा में बने रहने वाली यूपी की पुलिस ने मानो कानून को ताक पर रख दिया है। इंसानियत और मानवता जैसे शब्द तो सूबे की पुलिस के शब्दकोष में ही नहीं है।
ताज़ा मामला हरदोई कोतवाली देहात के सेवा गांव का है,  जहाँ एक मामूली प्रार्थना पत्र की जाँच में गए पुलिसकर्मियों ने मानवता और इंसानियत को शर्मसार कर दिया। पुलिस वालों ने ब्रम्हानन्द नाम के एक बेक़सूर की इस बेरहमी से पिटाई की कि उसने अपनी जान बचाने के लिए गाँव के बाहर एक तालाब में छलांग लगा दी, हालाँकि तालाब में कूदते देखकर भी पुलिस को रहम नही आया और पुलिस कर्मियों उसको बाहर निकालने तक की ज़हमत नही उठाई और न ही पुलिस के खौफ से कोई ग्रामीण ही उसे निकालने तालाब पर आया, पुलिस वाले कुछ देर तक तो उसके बाहर निकलने का इंतज़ार करते रहे और कुछ देर में वापस भी चले गए।  पुलिस वालों के वापस जाने के बाद ग्रामीणों ने तालाब में ब्रम्हानन्द को ढूंढना शुरू किया , जब उसका कोई पता नही चला तो तालाब में जाल डाला गया, जिससे ब्रम्हानन्द का शव बरामद हुआ।

वाक्या हरदोई के कोतवाली देहात इलाके के सेवा गाँव का है। यहाँ की एक महिला ने अपने ही पुत्र कुसुमराज के खिलाफ किसी बात को लेकर पुलिस में शिकायत की जिसके सम्बन्ध में पुलिस के दो सिपाही रविवार को गांव पहुंचे और नियम कानून को ताक पर रखकर वर्दी का रोब दिखाते हुए, कुसुमराज को मारना पीटना शुरू कर दिया।
इसी बीच उसे बचाने कुसुमराज का चाचा ब्रहमानन्द भी आ गया तो पुलिस ने उसको भी लात घुसो से मारना शुरू कर दिया। ब्रहमानन्द ने किसी प्रकार पुलिस से अपनी जान बचाकर भागना चाहा तो  पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा जिससे भयभीत होकर उसने तालाब में छलांग लगा दी। जिसे देखकर पुलिस मौके से चली गयी। पुलिस ने युवक को बचाना भी मुनासिब नहीं समझा।
तालाब में डूबने से ब्रह्मा की मौत हो गयी। ग्रामीणो ने काफी मशक्कत के बाद तालाब में जाल डालकर शव को बाहर निकला।
मृतक के पूरे परिवार में कोहराम मचा है, परिजनों को रो रोकर बुरा हाल है।

इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दोनों आरोपी सिपाहियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को सस्पेंड कर भी दिया गया है।

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