Monday , 17 January 2022
Breaking News
दिल्ली दुष्कर्म : चारों दोषियों को मृत्युदंड, फैसला सुन रो पड़े दरिंदे    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध
दारु और दौलत की बढती मांग से प्रत्याशी परेशान /चुनाव आयोग सतर्क

दारु और दौलत की बढती मांग से प्रत्याशी परेशान /चुनाव आयोग सतर्क

1DWa6M-10Ts-240x180rajesh misra .snn. पटना/लखनऊ /चुनाव चाहे देश की सर्वोच्च संसद का हो या की विधान सभा की और चाहे लोकतंत्र की सब से निचली इकाई मानी जाने वाली ग्राम पंचायत का ,प्रत्याशियों के सामने मतदाताओं को रिझाने के लिए मुद्दों के अलावा पिछले कुछ दशकों से शराब और धन बल आकर्षण का केंद्र बन गए हैं/पहले तो समर्थक भी निस्वार्थ भाव से पार्टी प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित बनाने में एडी छोटी का जोर लगाये दिखते थे लेकिन अब चुनाव के बाद या पहले नेताओं की बेरुखी ने उन्हें भी सौदे बाज़ी करने के लिए बाध्य कर दिया है /शायद यही कारण है कि चुनाव चाहे कोई भी हो बिना धन और शराब की आपूर्ति के उसे हवा नहीं मिलती/वर्तमान में बिहार में जहाँ विधान सभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों  की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है वहीँ उत्तर प्रदेश में होने जा रहे पंचायती चुनाव में भी मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई भी प्रत्याशी एक दुसरे से खुद को पीछे नहीं रखना चाहता और यही कारण है कि इस समय बिहार हो या उत्तरप्रदेश दोनों राज्यों में शराब की तस्करी व्यापक पैमाने पर शुरू हो चुकी है /अभी कुछ ही दिनों पूर्व उतरप्रदेश  के अनेक स्थानों पर पुलिस ने छपे मारी कर भारी मात्रा में नकली व अविध शराब का ज़खीरा भी बरामद किया इसमें सब से बड़ी बरामदगी कल अली गढ़ में की गयी जहाँ पुलिस ने एक करोड़ रूपये से अधिक कीमत की शराब पकड़ी /सवाल यह उठता है की आखिर जब स्वम् उत्तर प्रदेश की गली कूचे में देसी व अंग्रेजी शराब के ठेके खुले हैं तो फिर तस्करी की ज़रुरत इन प्रत्याशियों को क्यूँ पड़ती अहि /जानकारी करने पर इस बात का खुलासा हुआ की उत्तर प्रदेश के पडोसी राज्यों ,हरियाणा ,दिल्ली और उत्तराखंड में बिकने वाली वाली शराब की कीमत यहाँ की कीमत से आधी से भी कम है/इसका संकेत इस बात से मिलता है की उत्तरप्रदेश में जहाँ सिग्नेचर २१५ रुपयों में वहीं हरियाणा और उत्तराखंड में क्रमशः १४० व १७० के बीच है /यही हालत रायल स्टेग की है जिसके क्वार्टर की कीमत यूपी में १८५ ,हरियाणा में १०० ,दिल्ली में १०० और उत्तराखंड में १३० रूपये है /

अब बिहार राज्य की बात करें तो वहां के एक तिहाई हिस्से में कच्ची शराब का कारोबार निरंतर होता रहता है और उसके पडोसी राज्यों झारखंड पक्शिम बंगाल उड़ीसा में भी बिहार में बिकने वाली देसी शराब के बनिस्बत अन्द्रेज़ी शराब के दामों में काफी बड़ा अंतर है /बिहार में विधान सभा चुनाव के प्रथम चरण का बिगुल बज चुका है और प्रथम चरण में होने वाले ६२ विधान सभा चुनाव को निष्पक्ष रूप से कराना मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष एक बड़ी चुनौती है क्यूँ की प्रथम चरण के पूर्व में शराब और धनबल के इस्तेमाल पर आयोग की  ख्ती का ही परिणाम है की अबतक न सिर्फ ९ करोड़ रूपये ज़ब्त किये गए हैं जिसमे ५६ लाख की विदेशी मुद्रा भी शामिल है और भरी मात्र में की गयी अवैध शराब की बरामदगी भी खुद मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी का कहना है की सूबे में २४३ में से ६२ ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं जहाँ मतदाताओं को रिझाने के लिए शराब और धन का व्यापक पैमाने पर इस्तमाल किये जाने की आशंका है/आयोग का यह भी कहना है की यह सभी विधान सभा क्षेत्र उसके राडार पर है और वहां पर होने वाली सभी गतिविधियों पर हमारी पैनी निगाह लगी हुई है /

अब अगर फिर से उत्तरप्रदेश की बात करें तो यहाँ की हालत पर खुद प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला शराब की तस्करी को लेकर खासी चिंतित हैं ,उनका कहना है की इस दौरान पडोसी राज्यों से तस्करी होकर आने वाली अवैध शराब से विभाग के राजस्व पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता/बावजूद इसके हम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं की शराब की अवैध तस्करी पर विशेष निगाह रखें और इसमें शामिल लोगों के साथ किसी भी तरह की कोताही बरतने की ज़रुरत नहीं है चाहे वह किसी भी राजनैतिक दल से तालुक रखता हो /

 

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*