Tuesday , 21 September 2021
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kanpur. यू पी सरकार द्वारा हाशिमपुरा दंगा पीड़ितों को पांच लाख मुआवज़े की घोषणा से  मुस्लिम समाज में गुस्सा।

kanpur. यू पी सरकार द्वारा हाशिमपुरा दंगा पीड़ितों को पांच लाख मुआवज़े की घोषणा से मुस्लिम समाज में गुस्सा।

IMG-20150522-WA0028okkkabu obaida 9838033331  हाशिमपुरा दंगा पीड़ितों को पांच लाख का मुआवज़ा दिए जाने की घोषणा को मुस्लिम तंज़ीमो ने सियासी ड्रामा बताया है ,अवामी जम्हूरी मोहाज़ के अधक्ष अख्तर हुसैन अख्तर ने उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा हाशिमपुरा दंगा पीड़ितों को २८ साल बाद पांच लाख के मुआवज़े  की घोषणा को एक भद्दा मज़ाक बताते हुए कहा की ये महज़ सियासी ड्रामे के सिवा कुछ नहीं। २८ सालों से न्याय के लिए भटक रहे दंगा पीड़ितों के परिवार को पांच लाख की रक़म कुछ राहत तो दे सकती है मगर ये नाकाफी है। अख्तर हुसैन अख्तर ने इस सियासी पैंतरे पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा की सपा सरकार यदि मुसलमानो की इतनी ही हमदर्द थी तो अपनी पिछली सरकारों में इस बाबत कोई क़दम क्यों नहीं उठाया? आगे कहा की मुआवज़ा किसी की जान का बदल नहीं फिर भी ज़िंदा बचे परिवार वालों के आंसू ज़रूर  पोंछ   सकता है मगर ये राशि कम से कम पच्चीस लाख होनी चाहिए साथ ही मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।हुसैन ने उत्तरप्रदेश सरकार से मांग की के इस मामले की जांच के लिए एस आई टी का गठन किया जाये क्यों की राज्य सरकार से प्रभावित प्राक्सीक्यूशन आरोपी हत्यारों को फिर से लाभ पहुंचा सकता है।साथ ही उन्हों ने दोषी आरोपी पी ए सी वालों की पेंशन रोकने की भी मांग की है। अख्तर हुसैन अख्तर ने कहा की इस मुआवज़े की घोषणा के बाद पार्टी के कार्यकर्ता जगह जगह जश्न मना  कर मिठाई वितरित कर रहे हैं ये छोटी सोच का परिचायक है। हालांकि श्री अख्तर ने कहा के उच्च न्यायालय में इस चर्चित हत्या काण्ड की अपील देर से करने पर भी स्वागत किया जाना चाहिए क्यूंकि  मुसलमान इसके सिवा कुछ कर भी नहीं सकता। अवामी जम्हूरी मोहाज़ के अध्यक्ष ने कहा की लोग ये न समझे की ये मुआवज़ा  यूपी सरकार अपने आप देने जा रही है बल्कि ये क़दम मुक़दमे का फैसला सुनाने वाले जज की टिप्पणी के बाद किया गया है जिसमे उन्हों ने कहा था की साक्ष्यों के अभाव  में इन सभी १६ मुल्जिमों  को बरी करना मेरी मजबूरी है मगर इन बेक़सूर लोगों के घर वालों को कम से कम कुछ मुआवज़ा तो दिया जाना चाहिए।आप को याद दिला दें के आज से २८ साल पहले हाशिम पूरा में हुए दंगे के बाद सेना और पुलिस की मौजूदगी में पी ए  सी की टीम ४२ मुस्लिम नवजवानों को ट्रक में भर कर उठा ले गयी थी और गंग नहर के किनारे खड़ा कर के गोलियों से भून दिया था।

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