Friday , 24 September 2021
Breaking News
दिल्ली दुष्कर्म : चारों दोषियों को मृत्युदंड, फैसला सुन रो पड़े दरिंदे    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध
कानपुर। चाचा निकला हर्षित का क़ातिल। महिला संग आपत्तिजनक हालत में देखने पर की थी  हत्या

कानपुर। चाचा निकला हर्षित का क़ातिल। महिला संग आपत्तिजनक हालत में देखने पर की थी हत्या

DSCN5565 copyabu obaida .25.05.2015 पुलिस के लिए सिरदर्द बने हर्षित हत्या काण्ड का आज कर्नलगंज पुलिस ने खुलासा किया तो लोगों के पैरों तले  ज़मीन खिसक गयी। हत्या किसी और ने नहीं   बलिकी उसके सगे चाचा सर्वेश कुमार ने की थी।हत्या के बाद पुलिस जांच किसी क़रीबी के शामिल होने की  बात पर केंद्रित थी जो आज सच साबित हुई और मानवीय रिश्तों को कलंकित करने वाली घटना का पर्दा फाश हो गया।दस साल के बच्चे की हत्या से इलाक़े में लोग आक्रोशित थे जिसे देखते हुए पुलिस ने तीन दिन में हत्यारों को पकड़ने की बात कही थी मगर इस ब्लाइंड मर्डर केस को हल करने  में पुलिस को एक सप्ताह से ज़्यादा का समय लग गया।जानकारी के अनुसार थाना कर्नल गंज अंतर्गत  नई ईदगाह कालोनी निवासी  दस वर्षीय हर्षित ने अपने चाचा को एक महिला के साथ अपनी ही दूकान में आपत्तिजनक हालत में देख लिया था जिस से ख़ौफ़ज़दा हो कर सर्वेश ने उस महिला के सामने ही उसकी हत्या दूकान में लगी अलमारी से सर टकरा कर कर दी थी और शव को बोरी में भर कर गग्वालटोली थाना क्षेत्र के महाराष्ट्र मंडल स्कूल के क़रीब नाले में फ़ेंक दिया था।ये हत्या १३ मई की देर शाम की गयी और शव को रात नाले में उसी दिन ठिकाने लगा दिया गया था जो की १५ मई को एक बोरी से बरामद हुआ था। बोरी थकाने लगाने में सर्वेश की एक व्यक्ति ने मदद की थी जिसे पुलिस अभी तलाश कर रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद आई जी जोन आशूतोष पाण्डेय मृतक के परिजनों से उनके घर पर मिले थे और घटना की गुमशुदगी न लिखने पर तत्कालीन कर्नलगंज थाना प्रभारी और दो पुलिस वालों को निलंबित कर दिया था।कई बार फोरैंसिक टीम और डॉग् स्कवाड ने हर्षित के घर पर छानबीन की थी जिसमे खोजी दल  का कुत्ता घर के आस पास ही मंडराता रहा जिस से पुलिस ने करीबियों पर ही शक किया  और सर्विलांस की मदद से सर्वेश पर नज़र बनाये रखी नतीजे में सर्वेश से पूछताछ हुई और उसने क़ुबूल किया की हर्षित की हत्या उसने ही की थी।हत्यारे सर्वेश ने पुलिस को दो कहानियाँ बताई हैं पहली कहानी तो हर्षित की बहुत नज़दीकी महिला से अवैध संबंधों का उजागर होना और दूसरा पैसे की तंगी जिसमे हर्षित का अपहरण कर उसके पिता से पांच लाख की फिरोती मांग अपना अलग कारोबार करना है। अपहरण की कहानी पर यक़ीन करना इस लिए मुमकिन नहीं की हर्षित के पिता की माली हालत ऐसी नहीं थी की वो फिरोती में पांच लाख अदा कर सके ,इस लिए पहली कहानी को बल मिलता है जिसमे हर्षित की नज़दीकी महिला (रिश्ता बताने से मुझे मेरा ज़मीर रोक रहा है) से अवैध सम्बन्ध। हलाकि वो महिला भी इस पाप में भागीदार है जिसके बारे में पुलिस को तय करना है।कुल मिला कर मासूम हर्षित वासना की भेंट चढ़ कर इस दुनिया से चला गया वहीँ हर्षित के पिता राजकुमार की दुनिया उजड़ गयी ,हर्षित उनकी इकलौती औलाद था। घटना का पर्दा फाश करने के लिए कर्नल गंज सी ओ विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में ग्वालटोली ,कर्नल गंज और कोहना थाने के पुलिस कर्मी दिन रात मेहनत कर रहे थे।DSCN5551okkkkk

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*