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कानपुर .ईदी के लिए सोने और चांदी के नोट बाज़ार में .

कानपुर .ईदी के लिए सोने और चांदी के नोट बाज़ार में .

20150715_004204abu obaida snn .भले ही सरकार की तरफ से सोने चादी से बने नोट न चलते हों मगर निजी तौर पर पाच सौ और हज़ार रूपये के सोने चांदी के नोट सर्राफा दुकानों में मौजूद हैं.इस बार ईद पर विशेष लोगों को ईदी देने के लिए इन नोटों का चलन और बिक्री जम कर हो रही है .पांच ग्राम से दस ग्राम वज़न के चांदी के नोट उपहार स्वरुप बाँटने के लिए लोग खूब खरीद रहे हैं.खरीदारों का कहना है की बच्चे तो सरकारी करंसी में ही ईदी लेते हैं मगर कुछ ख़ास रिश्तों को कागज़ के नोट देते अच्छा नहीं लगता इसलिए उन्हे सोने और चांदी की धातु से बने नोट ईदी के रूप में भेंट करते हैं.आम तौर पर नकदी के रूप में दी गयी ईदी लोग खर्च कर देते हैं वहीँ इस परकार के नोट लोग यादगार के तौर पर सहेज कर रखते हैं.एक रवाज है की की बेटी की ससुराल में मायके की तरफ से हर साल ईद में ईदी भेजी जाती है जिस में सूखे मेवे  ,सिंवई , शक्कर कपडे आदि शामिल होते हैं और नक़द भी दिया जाता है. नए फैशन में बाक़ी सब सामन तो वही रहता है बस नकदी की जगह ऐसे नोट चांदी की  तश्तरी में सजा कर ईदी भेंट की जाती है.इसे देने का कारण भी है,इस ईदी को लोग संभाल कर रखते हैं और कीमती धातु होने के नाते जब चाहें अच्छी कीमत पर सुनार को देकर पैसे ले सकते हैं ये एक तरह से बचत का तरीका भी है. ऐसे ही खरीदार हैदर आब्दी ने बताया की वे हर साल अपने छोटों को ईदी देते हैं और बड़ों से लेते हैं बच्चे तो २० रूपये से पचास या फिर सौ रूपये ईदी ख़ुशी ख़ुशी लेते है वहीँ अपने सह कर्मी या माननीय रिश्तों को करंसी देना अच्छा नहीं लगता इस लिए उन्हें चांदी से बने नोट ईदी की शक्ल में देते हैं ख़ास बात ये है की इन नोटों को जब चाहें भुना सकते हैं .

बेकन गंज में सार्रफा कारोबारी मोहमाद आज़म बताते हैं की पहले इस तरह के नोट दीवाली में एक दुसरे को भेंट किये जाते थे अब ईद में भी इनका चलन ज़ोर पकड़ चुका है आज़म के अनुसार कानपुर में कुल मिला कर रमजान में इस तरह के नोटों की बिक्री करोड़ों में पहुच जाती है.आज़म कहते हैं की  कुछ साल पहले इक्का दुक्का बड़ी कंपनी के लोग अपने कर्मचारियों को बांटने के लिए आर्डर देते थे जिन्हें डाई बना कर नोट के रूप में ढाला जाता था मगर अब जैसे जैसे रवाज बढ़ रहा है तो रेडीमेड नोट बाकायदा पैकिंग में उपलब्ध है ठीक वैसी पैकिंग जैसे आम तौर पर विवाह आदि समारोह में व्यवहार देने के लिए इस्तमाल की जाती है .कागज़ की इन पैकिंग्स पर भेंट करने वाला अपना नाम पेन से लिख सकता है20150715_003108 .

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