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अपराधियों के दखल से खूनी शक्ल ले सकता है जाजमऊ के पावंदी गाँव की ज़मीन का सौदा –

अपराधियों के दखल से खूनी शक्ल ले सकता है जाजमऊ के पावंदी गाँव की ज़मीन का सौदा –

                                       abu obaida पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व पार्टनर को मिल रही हैं मौत की धमकी
कानपुर। भूमाफिया पुलिस और सत्ताधारी नेताओं का गठजोड़ पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष की जान का दुश्मन बन बैठा है। पूर्व छात्र नेता का कसूर सिर्फ इतना है कि उसने चमड़े का कारोबार करने की नियत से जाजमऊ स्थित पावंदी गाँव में कुछ साथियों के साथ मिल कर ज़मीन का सौदा किया था लेकिन उस ज़मीन पर जाजमऊ के कुछ भू माफियाओं की नियत खराब हो गयी और उन्हों ने ज़मीन मालिक को अधिक पैसों का लालच देकर अपने नाम ज़मीन की अवैध रजिस्ट्री करवा ली और पुलिस की मिलीभगत से वहाँ दर्जनों असलहा धारियों सहित क़ब्ज़ा लेने पहुँच गए।पचास लाख रूपये देकर उस ज़मीन का रजिस्टर्ड बयाना  देकर क़ब्ज़ा लिए मालिक ने जब विरोध किया तो भूमाफियाओं ने दर्जनो राउंड फायरिंग करके दहशत फहला दी और रसूख का इस्तेमाल करते हुए उलटा पहले से क़ाबिज़ टेनरी व्यवसाई मलिक बरकतुल्लाह सहित कई लोगों पर गोली चलाने का आरोप लगा कर मुक़दमे लिखवा दिए जिस में एक पीड़ित पीपीएन डिग्री कालेज का पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजान भी शामिल है।
वर्ष २००७ में टैनरी कारोबारी मलिक बरकतुल्लाह ने पावंदी गांव के  किसान रामेश्वर से २२ बीघा ज़मीन का सौदा किया था जिसमे उनके साथ छात्र नेता फैजान व अन्य लोग भी हिस्सेदार थे। सौदा होने की प्रक्रिया के दौरान रामवेश्वर की मौत हो गयी।चमनगंज निवासी मलिक बरकतुल्लाह उर्फ़ अकबर ने रामेश्वर की मौत के बाद उसके तीन बेटों से रजिस्ट्री कराने को कहा तो उन्हों ने जवाब में कहा कि ज़मीन का सौदा हम ने तारिक़ लॉरी और शमशाद से अधिक पैसों में कर लिया। इस पर मलिक ने कोर्ट की शरण ली और कोर्ट ने रजिस्टर्ड बयाने के आधार पर ज़मीन की यथा स्थिति बरक़रार रखने का आर्डर दे दिया।  कोर्ट द्वारा स्टे होने के बावजूद रामेश्वर के बेटों व भूमाफियाओं ने मिलीभगत से तारिक लॉरी व शमशाद के नाम ज़मीन की रजिस्ट्री करवा दी।रजिस्ट्री होते ही ज़मीन का कब्ज़ा लेने तारिक लॉरी जाजमऊ निवासी हिस्ट्रीशीटर सऊद अख्तर व अन्य आपराधिक छवि वाले लोग लाइसेंसी व गैर लाइसेंसी असलहों के साथ पावंदी गाँव की उस ज़मीन का क़ब्ज़ा लेने पहुँच गए और वहां जम कर हवाई फायरिंग से दहशत फहला दी । प्लाट पर मौजूद गार्ड को मारा पीटा और और मलिक बरकतुल्लाह और फैजान सहित पांच अन्य लोगों पर गोली चलाने का आरोप लगा कर ३०७ का मुक़दमा चकेरी थाने में दर्ज करवा दिया मज़े की बात तो यह कि  शातिर दिमाग भूमाफियाओं ने अपने ही पांच लोगों को भी नामज़द किया और उन्हें बरकतुल्लाह के आदमी बता कर गोली चलाने के आरोप में जेल भिजवा दिया वहीँ बरकतुल्लाह व फैजान उच्च न्यायालय से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले आये।बीती २६ फ़रवरी को हुई फायरिंग के बाद से ही टैनरी व्यवसाई और उनके साथी भयभीत हैं उन्हों ने १४ फ़रवरी को एसएसपी शलभ माथुर को एक लिखित शिकायती पत्र दिया है जिसमे जाजमऊ के बाहुबली सऊद अख्तर तारिक़ लॉरी नदीम चिकना व अन्य लोगों से अपनी जान का खतरा जताया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया हैं कि बीती १४ फ़रवरी को भी उपरोक्त आरोपियों ने उनकी फैक्ट्री पर आकर धमकियां दीं और तीन दिन में ज़मीन खाली न करने पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी।प्रार्थना पत्र पर एसएसपी ने सम्बंधित थाने से जवाब मांग कर न्याय का भरोसा दिलाया है। बतादें कि इस समय जाजमऊ में रिहायशी प्लाटों की बिक्री जोरशोर से जारी है और इस काम में सफ़ेद पोश नेताओं ने करोड़ों रूपये इन्वेस्ट कर रखे हैं जिसमे इलाक़े के छोटे मोटे गुंडों से लेकर नामचीन अपराधी भी पार्टनर हैं।जिस ज़मीन का इस खबर में ज़िक्र है उसकी मौजूदा कीमत ४ करोड़ है और लगातार इसका भाव बढ़ता ही जारहा है। ऐसे में पहले बयाना करके ज़मीन का सौदा करने वाले मलिक बरकतुल्लाह और कथित तौर पर फ़र्ज़ी रजिस्ट्री अपने नाम कराने वाले तारिक़ लारी व शमशाद ज़मीन को अपने नाम देखना चाहते हैं।मालिक का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और जल्द ही तारिक़ लॉरी के नाम हुई फ़र्ज़ी रजिस्ट्री अवैध अवैध  घोषित कर दिए जाने की संभावना है चूँकि उनके पास पहले से ही ज़मीन की खरीद फरोख्त के पुख्ता दस्तावेज़ मौजूद हैं।मामला कोर्ट में होने के बावजूद बाहुबली व सफेदपोश नेता अपने प्रभाव से इस ज़मीन को हड़पना चाहते हैं। सूत्रों की माने तो सत्ताधारी दल के नेता दोनों पक्षों की सरपरस्ती कर रहे हैं चूँकि दोनों ही पक्षों को इस ज़मीन में करोड़ों का मुनाफा दिख रहा है।
इस हाईप्रोफाइल सौदे के निपटारे में यदि पुलिस ने सही भूमिका निभायी जिसकी संभावना कम ही दिखती है तो यह मामला शायद आपसी रज़ामंदी से सुलझ जाए अगर पुलिस ने लचर रवैया अपनाया तो इसमें कई बेगुनाहों की जान जासकती है।

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