Saturday , 25 September 2021
Breaking News
दिल्ली दुष्कर्म : चारों दोषियों को मृत्युदंड, फैसला सुन रो पड़े दरिंदे    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध    क्रिकेटर अंकित चव्हाण और श्रीशांत पर आजीवन प्रतिबंध
“कानपुर के बदमाश ज़बान के पक्के ,गोली के सच्चे “.

“कानपुर के बदमाश ज़बान के पक्के ,गोली के सच्चे “.

IMG-20150629-WA0002-1

file usmaan

abu obaida मजदूरों के शहर  कानपुर में बेख़ौफ़  अपराधी मर्द के बच्चे है जो कहते, कर दिखाते हैं  ,इसका प्रत्यक्ष प्रमाण  रविवार २८ जून की रात उस समय देखने को मिला जब  मासूम उस्मान की पटकापुर में  सरेआम गोली मार कर न्रशंस ह्त्या कर दी गयी . शरीफ ओटी टेक्नीशियन उस्मान का क्या कुसूर था जो आज उसके परिवार के लोगों की आँखों के आंसू सूख नहीं रहे हैं .ये दर्द उनका एक दिन का नहीं जब तक ज़िंदा रहें गे तब तक उन्हें उस्मान की यादें रुलाती रहें गी .आज भी उस्मान के घर में मातम छाया रहा पास पड़ोस के लोग इस ग़म में बराबर से शरीक होकर तसल्ली देते रहे मां बहनों का हाल किसी से देखा नहीं जा  रहा था .

घटनाक्रम में अपने पाठकों को बता दें की रविवार की सुबह असलम  बिरयानी वाले के दबंग पुत्र अकरम की बाइक मृतक उस्मान के कजिन की बाइक से टकरा गयी थी दोनों में मामूली तकरार हुई जिसे इलाकाई लोगों ने बीच बचाव कर दोनों को शांत करा दिया था .मगर जाते जाते अकरम ये धमकी देगया की तरावीह बाद वो उसे देख ले गा और उसने अपनी इस धमकी को तरावीह से पहले ही उस्मान की ह्त्या के रूप में सच कर दिखाया .उसने रमाज़ान के मुक़द्दस महीने का भी लिहाज़ नहीं किया और अपनी दबंगई को अमली जामा पहनाते हुए कुछ साथियों के साथ उस्मान के घर जा धमका और उस्मान को देखते  ही सीने में गोली मार दी .इस घटना के बाद परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया हर किसी की ज़बान पर उस्मान की शराफत के अलफ़ाज़ थे अफ़सोस का इज़हार करते हुए हर कोई यही कहता नज़र आया की उस्मान का क्या कुसूर था की बदमाशों ने उसकी जान ले ली ?पूर्व में भी इसी तरह की और भी कई घटनाएँ हो चुकी हैं मसलन नाला रोड पर ट्रांसफार्मर से तार हटाने और लगाने को लेकर अपराधिक तत्वों द्वारा कुछ माह पूर्व चमडा व्यवसाई  निर्दोष मीनू को सरेआम भून डाला गया था .पडोसी से विवाद में कोई स्पष्ट दोष मीनू का नज़र नहीं आया था बात सिर्फ इतनी थी की पडोसी को शक था की मीनू उसके तार को ट्रांसफार्मर से हटवा देता है इसी शक पर पहले वो चमडा व्यवसाई मीनू से भिड़ा और अपने कुछ आपराधिक साथियों को बुलवा लिया .शहर के कई कुख्यात अपराधी उसके बुलावे पर पहुच गए ,पहले उन्हों ने दोनों को समझा कर मामला शांत करा दिया मीनू और विपक्षी अपने अपने घर चले गए तथा आपराधिक तत्व नाला रोड स्थित एक दूकान में आ कर बैठ गए .उधर मीनू अपने घर में खाना खाने की तयारी कर रहा था की इसी बीच विपक्षी ने ललकारते हुए मीनू के दरवाज़े पर गाली गलौच शुरू कर दी थी .दोनों में पुनः झगडा होने की जानकारी मिलते ही पास की दूकान में मौजूद विपक्षी के सहयोगी वहां पहुच गए और उन्हों ने मीनू पर ताबड़ तोड़ गोलियों की बौछार कर दी जिस से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी थी .ये दोनों घटनाएँ बानगी मात्र हैं जिन से ये साबित होता है की महानगर  कानपुर का बदमाश जो कहता है वो कर गुज़रता है उसे ईश्वर अल्लाह या पुलिस आदि किसी का भी खौफ नहीं .आम तौर पर देखा गया है की प्रायः अधिकाँश मामलों में पुलिस की निष्क्रियता उजागर हुई है इसकी तह में जाने से  पता चलता है की अपराध करा कर पुलिस अपराधियों से हफ्ता या महीना वसूल करती है उन्हें खुला संरक्षण देती है जिस  से अपराधियों के हौसले बुलंद रहते हैं .मीनू हो या उस्मान ,दोनों मासूमो का आखिर क्या दोष था की उन्हें अपनी जान गंवाना पड़ी और परिवार वालों के लिए ज़िन्दगी भर का रोना हो गया .इन दोनों घटनाओं से साबित होता है की कानपुर शहर का बदमाश अपनी ज़बान का पक्का और गोली का सच्चा है जो कभी भी कहीं भी किसी निर्दोष की जान ले कर उसके परिवार को हमेशा  के लिए रोने बिलखने पर मजबूर कर सकता है आखिर ये सिलसिला कब तक चले गा ?कब तक माओं की गोदें उजडती रहें गी ?कब तक पिताओं को  औलाद की तड़प कचौती रहे गी ?इस प्रकार के अभिशाप,दुःख ,पीड़ा और उत्तेजना आदि सभी पर काबू पाना होगा ,समाज में इसके प्रति जागरूकता भी ज़रूरी है समाज के प्रत्येक नागरिक के जागरूक होने के बाद ही पुलिस की दूषित कार्यशैली  व् बदमाशों के वर्चस्व पर काबू पाया जा सकता है .ऐसा न होने पर हर दिन कोई न कोई माँ अपने लाल ,कोई पत्नी अपने सुहाग और कोई बहन अपने भाई को गंवाती रहें गी .समाज के साथ जिमेदार पुलिस व प्रशासन को भी अपना मोह त्याग कर संजीदगी अपनानी हो गी .जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक बदमाशों के होसले पस्त नहीं हो सकें गे .IMG-20150628-WA0067

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*