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प्रतियोगिताओं से बच्चों का होता है सर्वांगीण विकास : रीता बहुगुणा

प्रतियोगिताओं से बच्चों का होता है सर्वांगीण विकास : रीता बहुगुणा

कानपुर, 03 नवम्बर । कैंट स्थित डॉ0 वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल में तीन दिवसीय आयोजित टेक्नो, कल्चरल, लिटरेरी फिएस्टा ‘हॉर्मनी’ के प्रथम दिन जूनियर स्कूल के बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम वार्षिकोत्सव प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इतनी विविधता एक साथ लिए हुए कार्यक्रम उन्होनें कम ही देखी हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में बहुत ही अहम भूमिका निभायेगें। उन्होंने विद्यार्थियों को फेसबुक और व्हाटअप से दूर रहने की नसीहत दी। मुख्य अतिथि ने स्कूल के मेधावी बच्चों को पुरुस्कार देकर सम्मानित किया। रागेन्द्र स्वरुप अवार्ड वरुनिका बाजपेई को, डॉ0 वीरेन्द्र स्वरुप अवार्ड अशिंका श्रुति को, राय बहादुर डॉ. ब्रजेंद्र स्वरुप अवार्ड अर्थ सिंह को, राय बहादुर आनन्द स्वरुप अवार्ड भव्या सोनकर व प्रिंसिपल कप नाइला सलमान को दिये गये। कार्यक्रम की सर्वप्रथम प्रस्तुति सर्वशक्तिमान श्री गणेश वंदना के साथ हुई। ‘होलो कॉस्ट’ आंग्लभाषा की नाटिका में वर्ल्डवार किन कारणों से हुआ इसे एक माला में पिरोकर दिखाया गया। स्कूल के समूह गान में ‘वी आर द एंजेल वी कम फ्राम हेवेन’ से लोगों को आनंदित किया। जहां इटली का लोक नृत्य था तो ट्राइबल डांस अफ्रीका का परिचय दे रहा था। स्पेनिश, जर्मन व इंडोनेशियन डांस ने लोगों को विश्व की नृत्य शैलियों से परिचित कराया। एक नई विघा मंच पर लोगों को सम्मोहित कर रही थी, पाश्चात्य धुनों पर भारतीय शास्त्रीय नृत्य की जुगलबंदी। छोटे-छोटे नौनिहालों द्वारा आक्रेस्ट्रा की धुन अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर रही थी। ‘डांस आन एेंथम’ पर सभी दर्शक रोमांचित हो राष्ट्रप्रेम में अपनी सीटों से खड़े हो गये। उधर टेक्नों कल्चरल एंड लिटरेरी इवेंट में प्रतिभागियों ने टेट-ए-टेट में दिये हुए विषय पर छह मिनट में बोलना था। लोक नृत्य में सावन के झूले या गुजराती देवी नृत्य की प्रस्तुति देनी थी। टर्जिवर में प्रतिभागियों को विषय के पक्ष व विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करने थे। सैलेड कार्विंग में फलों पर कटिंग की सजावट करनी थी। एडस्टार में फुटवियर सेल्स का काम करना था। शोलो सिंगिंग में ए0आर0 रहमान के गीतों को गाना था। प्रतिभागियों ने ‘एंकाकी’ में गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर व महादेवी वर्मा जी की कहानियों पर आधारित नाटिकाओं का मंचन किया।
अंत में सभी उपस्थित अथितियों को धन्यवाद स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ0 सुषमा मण्डल ने किया प्रथम दिन के कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ।इस मौके पर विशिष्ट अतिथि डॉ0 वीरेन्द्र स्वरूप मेमोरियल ट्रस्ट की सचिव डॉ0 मिनी स्वरूप, संयुक्त सचिव डॉ0 अलक्षेन्द्र स्वरूप, नेहा स्वरूप व आकांक्षा स्वरूप मौजूद थे। अतिथि का स्वागत डॉ0 वीरेन्द्र स्वरूप मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त सचिव डॉ0 अलक्षेन्द्र स्वरूप ने किया। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों नें दीप प्रज्वलित कर व रागेन्द्र स्वरूप जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

 

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