Saturday , 25 September 2021
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सहकारी बैंकों को घोटालों से बचाने के लिए माह में दो बार होगी जांच: मंडलायुक्त

सहकारी बैंकों को घोटालों से बचाने के लिए माह में दो बार होगी जांच: मंडलायुक्त

कानपुर। सहकारी बैंक  किसानों को तीन प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण देती है। सभी निगम सार्वजनिक उपक्रम  स्थानीय निकाय इण्टर मीडियट तक के सभी स्कूल पंचायतें अपना धन सहकारी बैंकों में जमा करें यह बैंकें भी रिजर्व बैंक में पंजीकृत होती है तथा उन्हीं की गाईड लाइन से  चलती है। मण्डल के सभी जिलाधिकारी सहकारी बैंकों की समीक्षा माह में कम से कम  दो बार अवश्य करें। सहकारी बैंक  भी राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित होती है। जमा करने वाले सभी विभागों को जमा राशि पर ब्याज भी दिया जायेगा। माइक्रो कामधेनु योजना उद्योग विभाग की योजना तथा मुख्यमंत्री रोजगार योजना भी सहकारी बैंकों के माध्यम से ही चलाई जाये इसके लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा जाये।
यह निर्देश मण्डलायुक्त मो. इफ्तिखारुद्दीन ने अपने शिविर कार्यालय में आयोजित बैठक सरकारी विभागों उपक्रमों एवं निगमों द्वारा धनराशि सहकारी बैंकों में जमा करने के संबंध में दिए। उन्होंने मण्डल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनुदानित विद्यालयों प्राईमरी स्कूलों तथा उनके शिक्षकों के खाते सहकारी बैंकों में खुलवाये जाये इसी प्रकार मण्डल की सभी ग्राम पंचायतों क्षेत्र पंचायतों मण्डी समिति एवं ब्लॉक के खाते इन्हीं सहकारी बैंकों में खुलवाये जाये जो अधिकारी खाता न खुलवाये या खाते खुलवाने में आना-कानी करें उसका वेतन तत्काल  प्रभाव से रोक दिया जाये।
कमिश्नर  ने निर्देशित किया कि ऐसी योजनाए जो ऋण देने की है उनको  भी सहकारी बैंकों के माध्यम से चलाई जाये। शासन ब्याज पर पांच प्रतिशत की दर से बैंकों को सब्सिडी देता है इससे बैंकों की स्थिति मजबूत होगी। सहकारी बैंकों से किसानों/जनता/लाभार्थियों को ऋण लेना भी आसान है क्यों कि सहकारी बैंकें तो राज्य सरकार के अधीन होती है।
उन्होंने यह भी निर्देशित  किया कि मण्डल स्तर पर प्रति तीन माह में सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक होगी, सहकारी बैंकें तो किसानों के हितों की बात करती है। मण्डल की सभी सहकारी बैके लाभ की स्थिति में चल रही  है तथा यहाँ पर किसी प्रकार का घपला सामने नहीं आया है जबकि अन्य प्रकार की बैंकों में घपले समय-समय पर प्रकाश में आते रहते है।
मण्डलायुक्त ने निर्देशित किया कि सरकारी विभाग भी सहकारी बैंकों में पैसा जमा कराये सभी जिलाधिकारी भी सुनिश्चित करें कि सहकारी बैंकों को प्रशासनिक सहयोग मिले। शासन भी सहकारी बैंकों के विकास पर विशेष रूचि ले रहा है। सहकारी बैके भी सभी विभागों से ताल मेल बैठाए ताकि उनको विभागों का सहयोग मिल सकें। अब समन्वय से ही काम चलेगा, आडिट भी परेशान नहीं कर पायेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी उनकी तरफ से परत लिखा जाये। इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया कि शासन को पत्र लिखा जाये। कि ऐसी योजनाएं जिनमे लाभार्थियों को ऋण दिया जाता है को भी सहकारी बैंकों माध्यम से ऋण दिलाया जाये।
   बैठक में समस्त सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता उ०प्र० कानपुर मण्डल, क्षेत्रीय प्रबंधन उ०प्र० कोआपरेटिव बैंक लि० कानपुर, मुख्य अभियन्ता जल निगम कानपुर मण्डल, क्षेत्रीय प्रबंधन पीसीएफ कानपुर मण्डल, अधीक्षण अभियन्ता नलकूप कानपुर एवं इटावा, परियोजना अधिकारी नेडा कानपुर नगर आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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