Monday , 10 December 2018
Breaking News
नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत घाट व नहरों की बढ़ी रौनक

नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत घाट व नहरों की बढ़ी रौनक

कानपुर। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी शुक्रवार के दिन नहाय खाय से व्रत का आरम्भ हो गया है। यह पर्व सप्तमी तक बड़े हर्षोउल्लास से मनाया जाता है। कानपुर में जिस प्रकार से पर्व मनाया जाता है तो घाटों पर भी बिहार जैसा नजारा देखने को मिलेगा।
बिहार का सबसे प्रसिद्ध महापर्व छठ पूजा कानपुर शहर में भी बड़ी श्रृद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को लेकर जिला प्रशासन के साथ नगर निगम, जल विभाग केस्को विभाग के साथ पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। घाटों व नहर में लोगों ने अपने और बच्चों के नाम की आर्घा भी बना लिया है। इधर छठ पर्व के चलते बाजार भी गुलजार है और खरीददारों की भीड़ जुटी हुई है। वहीं लोगों के घरों में छठी मईया के गीत और भजन का कार्यक्रम भी किया जा रहा है। डीएम कौशलराज शर्मा ने नगर आयुक्त के साथ गंगा घाट और नहर का निरीक्षण किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए घाट और नहर में मजिस्ट्रेट के साथ बिना वर्दी में पुलिस मौजूद रहेगी। जबकि पूजा करने आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए घाट और नहर में जिला व पुलिस प्रशासन के कैम्प लगाया जायेगा। शास्त्री नगर सेन्ट्रल पार्क में छठ पूजा को लेकर नगर निगम तेजी से 100 फुट चौड़ा और डेढ़ सौ फुट लंबा कृत्रिम तालाब तैयार कर चुका है। युवा छठ पूजा जान कल्याण समिति के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के मुताबिक़, 6 साल से यहां आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम इन नहर के पास कृत्रिम तालाब बनाने के लिए समितियों से एक हजार रुपये लेती है। छठ पूजा के समय घाट और नहर के पास 500 हज़ार से भी ज्यादा श्रद्धालु एकत्र होते है। छठ पूजा को देखते हुए कानपुर शहर किसी बिहार से कम नहीं लगता है।
एसी मान्यता है
छठ मईया की सच्चे मन से जो पूजा करता है और मनमुताबिक वरदान सुर्य देवता से मांगता है, मईया उसकी विनती जरुर सुनती है। ऐसी मान्यता है कि छठ मईया की पूजा करने वाला परिवार कभी भी दुःखी नही रहता है और उसके घर में खुशी और मईया का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>