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केरल/स्वच्छ भारत व निर्मल गंगा के लिए अम्मा ने अपनी तिजोरी खोली

केरल/स्वच्छ भारत व निर्मल गंगा के लिए अम्मा ने अपनी तिजोरी खोली

rajesh misra  .केरल /अध्यात्मिक गुरु माता अमृतानन्दमयी (अम्मा )ने आज अपने ६२वें जन्म दिवस पर स्वच्छ भारत अभियान को गति देते हुए सौ करोड़ रूपये केंद्र सरकार को सौंपे/इससे  पहले भी अम्मा ने पिछले दिनों केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को गंगा को निर्मल बनाने के लिए सौ करोड़ सौंपे थे /केरल के कोलम जिले में एक गरीब मछुवारे के घर २७ सितम्बर १९५३ को जन्मी माता अम्रतामयी ने सं १९८१ में जब कोलम जिले में ही एक मत की स्थापना कर अध्यात्म की दुनिया में क़दम रखा तो शायद लोगों को उस समय अंदाजा भी न रहा होगा कि अम्मा का परचम देखते ही देखते न सिर्फ भारत बल्कि समूची दुनिया में पहराये गा /मानवता और गरीब बच्चों की शैक्षिक माहौल देना हमेशा से ही उनकी फितरत में शामिल रहा है इसका सब से बड़ा उदाहरण है अमृता विश्व विद्या पीठं की स्थापना जहाँ आज भी हज़ारों की संख्या में लोग योग अभ्यास व संस्कृत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं /प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और नमामि गंगे अभियान के तहत किसी भी शख्सियत द्वारा सौंपी गयी इतनी बड़ी धनराशी अपने आप में देश भर के धन्ना सेठों के लिए एक नजीर बन कर सामने आई है /भविष्य में अम्मा की इस पहल से देश के कितने अध्यात्मिक गुरु जिनके पास अकूत सम्पदा का भंडार है क्या वो भी अम्मा के नक्शेक़दम पर चलने की कोशिश करें गे ?अगर अम्मा की इस दरिया दिली से लोगों ने ज़रा भी सीख लेने की कोशिश की और उनके क़दम के साथ क़दम मिलाते हुए आगे बढे तो snn का दावा है कि गंगा को अविरल और निर्मल बनाने से कोई ताक़त रोक नहीं सकती और तभी सार्थक होगी मोदी की स्वच्छ भारत की मुहिम/इसके पूर्व भी देश के किसी हिस्से में जब कोई देवीय आपदा या संकट की घडी आई है तो  अम्मा ने आगे बढ़ कर आपदा ग्रस्त लोगों के आंसुओं को पोंछने का काम किया है .उत्तराखंड में २०१४ में आई देवीय आपदा मे भी उनके द्वारा मदद के लिए विशेष तौर पर आर्थिक पैकेज दिया जाना भी शामिल रहा है /

 

 

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